सुरिंदर सिंह | चंडीगढ़
ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की ओर से आईटी सिटी के प्लॉट मालिकों को 7,845 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से अतिरिक्त राशि जमा करवाने के लिए भेजे गए एन्हांसमेंट नोटिसों के खिलाफ स्थानीय निवासियों ने विरोध तेज कर दिया है।
इन नोटिसों को रद्द करवाने की मांग को लेकर गठित संघर्ष समिति के सदस्यों ने नगर निगम पार्षद नसीब सिंह सिद्धू के नेतृत्व में हलका विधायक कुलवंत सिंह से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि गमाडा ने प्लॉट मालिकों को 30 दिनों के भीतर कुल एन्हांसमेंट राशि का 25 प्रतिशत जमा करवाने के निर्देश दिए हैं, जबकि बाकी राशि 25-25 प्रतिशत की तीन किस्तों में छह-छह महीने के अंतराल पर जमा करवानी होगी। निवासियों का कहना है कि यह राशि लाखों रुपये में बनती है और अचानक इतनी रकम जमा करवाना अधिकतर परिवारों के लिए संभव नहीं है।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि यह फैसला प्लॉट मालिकों के साथ अन्याय है। प्रतिनिधियों ने कहा कि आईटी सिटी में अधिकतर घर सेवानिवृत्त कर्मचारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों ने बैंक ऋण लेकर बनाए हैं।
ऐसे में अतिरिक्त आर्थिक बोझ लोगों को मुश्किल में डाल देगा। पार्षद नसीब सिंह सिद्धू ने कहा कि गमाडा ने व्यावसायिक साइटों से अच्छा राजस्व कमाया है, इसलिए किसानों को दी जाने वाली अतिरिक्त राशि का बोझ आम प्लॉट मालिकों पर नहीं डाला जाना चाहिए।