समर न्यूज | मोहाली
पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की वाइस चेयरपर्सन गुंजीत रुचि बावा ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान युवा प्रदर्शनकारियों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए, उन्हें चुप कराने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
विद्यार्थियों के प्रदर्शन से जुड़ी सामने आई तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए बावा ने कहा कि ये दृश्य बेहद दुखद और चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि कथित परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा सुधारों को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहे विद्यार्थी किसी असामाजिक गतिविधि में शामिल नहीं थे, बल्कि वे अपने भविष्य और अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे थे। बावा ने कहा कि कानून और संविधान युवाओं को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी चिंताएं, डर और आकांक्षाएं व्यक्त करने का अधिकार देते हैं। ऐसे में युवा नागरिकों की लोकतांत्रिक भागीदारी का जवाब संवाद, संवेदनशीलता और सहानुभूति से दिया जाना चाहिए।
उन्होंने अपील की कि प्रशासन और समाज युवाओं की आवाज को गंभीरता से लें तथा बाल अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की भावना के अनुरूप संवेदनशील रवैया अपनाएं। बावा ने कहा कि भारत के युवाओं की आवाज सम्मान की हकदार है, डर की नहीं।