Summer express, हैदराबाद | तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (REDCO) के डिविजनल इंजीनियर मुत्यम वेंकट रमना के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने बुधवार को इंजीनियर के घर, कार्यालय और उनके रिश्तेदारों, सहयोगियों तथा कथित बेनामीदारों से जुड़े आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति और भारी निवेश का खुलासा हुआ है।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान अधिकारी के पास उसकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति होने के प्रमाण मिले हैं। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
जांच में सेरिलिंगमपल्ली और कुकटपल्ली क्षेत्र में चार आवासीय फ्लैट मिले हैं, जिनकी पंजीकृत कीमत करीब 1.23 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा कुकटपल्ली के अंजनेया नगर में 160 वर्ग गज में बनी जी+3 व्यावसायिक इमारत, जिसकी कीमत लगभग 1.82 करोड़ रुपये है, तथा गुट्टाला बेगमपेट में 250 वर्ग गज में निर्मित जी+5 कमर्शियल बिल्डिंग, जिसकी पंजीकृत कीमत करीब 2.90 करोड़ रुपये है, भी जांच में सामने आई है।
एसीबी की जांच में यह भी पता चला कि अधिकारी ने कथित रूप से अपनी पत्नी के नाम पर पंजीकृत चार निर्माण कंपनियों के माध्यम से रियल एस्टेट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश किया था। अंजनेया नगर और मूसापेट में करीब 10 आवासीय अपार्टमेंट परियोजनाओं का निर्माण चल रहा है, जिनमें लगभग 20 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 52.02 लाख रुपये की बैंक जमा राशि, लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य के 2.09 किलोग्राम सोने के आभूषण, करीब 45 लाख रुपये कीमत के तीन वाहन, लगभग 30 लाख रुपये के घरेलू सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा करीब 2.5 लाख रुपये मूल्य की 20 शराब की बोतलें भी बरामद की हैं।
एसीबी ने अब तक बरामद संपत्तियों की आधिकारिक कीमत करीब 27.65 करोड़ रुपये आंकी है। हालांकि रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा बाजार मूल्य के आधार पर इन संपत्तियों की कुल कीमत 100 से 150 करोड़ रुपये तक हो सकती है। एजेंसी सभी निवेश, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन का सत्यापन कर रही है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुत्यम वेंकट रमना वर्ष 2019 में भी रिश्वतखोरी के एक मामले में एसीबी के हत्थे चढ़ चुका है। उस समय वह हैदराबाद के साइबर सिटी सर्कल में डिविजनल इंजीनियर (टेक्निकल) के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि अंतिम अनुमान (फाइनल एस्टीमेट) को मंजूरी देने के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। उस कार्रवाई में भी उसके पास से 26.52 लाख रुपये नकद और 22.60 लाख रुपये के सोने के आभूषण बरामद हुए थे, जिसके बाद उसके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया गया था।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत की मांग की जाएगी। साथ ही उसकी बेनामी संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित निवेशों की जांच भी जारी रहेगी।