समर न्यूज | लुधियाना
लुधियाना में 48 घंटे के भीतर 9 लड़कियों के लापता होने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लेने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं।
डिप्टी कमिश्नर (डीसी) हिमांशु जैन ने कहा कि अब तक बरामद हो चुकी लड़कियों की काउंसलिंग कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने किन परिस्थितियों में घर छोड़ने जैसा कदम उठाया।
डीसी ने बताया कि हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सभी बच्चियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिवारों के सुपुर्द किया जाए। प्रशासन यह भी जांच करेगा कि कहीं किसी ने उन्हें बहला-फुसलाकर घर से बाहर तो नहीं निकाला या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 31 मई 2026 को प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट के आधार पर इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था, जिसमें लुधियाना से 48 घंटे के भीतर 9 लड़कियों के लापता होने की बात सामने आई थी।
डीसी हिमांशु जैन के अनुसार, खुफिया इनपुट में एक लड़की के बिहार और दूसरी के तरनतारण में होने की जानकारी मिली है। दोनों को जल्द सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि अधिकांश लड़कियां आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं और उनकी शिक्षा का स्तर भी कम है। वे साहनेवाल, सराभा नगर, डिवीजन नंबर-5 और जमालपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों की रहने
वाली हैं।
प्रशासन के अनुसार कई लड़कियां बाद में स्वयं अपने घर लौट आईं। पुलिस ने अधिकांश बच्चियों को सुरक्षित बरामद कर लिया है, जबकि शेष दो लड़कियों की तलाश जारी है। डीसी ने कहा कि सभी मामलों की गहन जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।