सुनील शिंगार/मनिंदर सिंह लुधियाना | समर न्यूज
लुधियाना में ऑटो मोबाइल एजेंसियां ट्रांसपोर्ट विभाग की आंखों में धूल झोंकने से बाज नहीं आ रही। यह एजेंसियां वाहनों पर टीसी (ट्रेड सर्टिफिकेट) और एएफ (अप्लाइड फॉर) लिख नियमों को धड़ल्ले से तोड़ रहे हैं।
यह एजेंसियां ट्रेड सर्टिफिकेट वाले नंबर को डेमो कार पर लगाकर घूम रहे हैं तो नए वाहन बेचने के समय उस पर परमानेंट नंबर लगाने की बजाय अप्लाइड फॉर लिखकर सड़कों पर उतार रहे हैं। ऐसे ही कई वाहन आप रोजाना ही सड़कों पर दौड़ते हुए देख सकते हैं। जबकि टीसी और एएफ लिखकर वाहनों को सड़क पर उतरने और उसमें सवारियां बिठाने का कोई नियम ही नहीं है।
ऑटोमोबाइल एजेंसियां किसी भी नियम को मानने को तैयार नहीं है और वह अपना फायदा करने के लिए हर नियम को तोड़ रहे हैं जबकि विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
वाहनों पर एएफ लिख भी कंपनियां विभाग ओर सुरक्षा को दिखा रहे ठेंगा
वाहन पर एएफ यानि कि अप्लाइड फॉर लिखने का कोई नियम है ही नहीं। कंपनियां अपने निजी फायदे के लिए वाहनों को बेचते समय उस पर अप्लाइड फॉर लिख देते हैं। वैसे तो तकरीबन 13 साल पहले ट्रांसपोर्ट विभाग ने नियम जारी कर दिया था कि हर वाहन को सड़क पर उतरने से पहले उस पर नंबर लगाया जाए। कई सालों तक तो सब कुछ ठीक-ठाक रहा। लेकिन बीते दो से तीन सालों में इस नियम को भी दरकिनार कर दिया गया। अब एजेंसियां धड़ल्ले से अप्लाइड फॉर लिखकर नए वाहन बेच रहे हैं और वाहन खरीदने वाले अपनी सुविधा के हिसाब से उस पर कई दिनों या महीनों के बाद नंबर लगवा देते हैं। ऐसा किया जाना जहां पर ट्रांसपोर्ट विभाग के नियमों के खिलाफ है तो वहीं पर सुरक्षा के लिए भी चुनौती है। क्योंकि अगर किसी वाहन पर नंबर नहीं लिखा होगा तो उक्त वाहन की सुरक्षा एजेंसी को पहचान ही नहीं हो पाएगी। फिर चाहे उक्त वाहन में कोई आपराधिक गतिविधि वाला व्यक्ति वारदात को अंजाम दे जाए।
टीसी सिर्फ एजेंसी के इस्तेमाल के लिए
ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा अधिकृत हर ऑटोमोबाइल एजेंसी को ट्रेड सर्टिफिकेट नंबर दिए जाते हैं, जिसका रिकॉर्ड ट्रांसपोर्ट विभाग के पास भी मौजूद रहता है। उक्त ट्रेड सर्टिफिकेट नंबर को एजेंसी अपने निजी इस्तेमाल के लिए रखती है। विस्तार से बताएं तो ट्रेड सर्टिफिकेट को हर एजेंसी द्वारा उक्त वाहन पर लगाया जाता है जिसको वह अपने गोदाम से एजेंसी यां एजेंसी से गोदाम तक लेकर आते हैं। क्योंकि बिना नंबर लगे वाहन को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं है। विभाग के ही लोगों की माने तो हर ऑटोमोबाइल एजेंसी को लगभग 10 ट्रेड सर्टिफिकेट नंबर दिए जाते हैं। यह नंबर एजेंसी के पक्के ही रहते हैं जिनको वह बार-बार इस्तेमाल कर सकते हैं।