मुकुल शर्मा | पंचकूला
अतिरिक्त उपायुक्त निशा यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए आज पौधारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाएं पर्यावरण संरक्षण के दायित्व को बखूबी निभा रही हैं। वह कंज्यूमर एसोसिएशन पंचकूला एवं श्री माता मनसा देवी राजकीय संस्कृत कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में माता मनसा देवी परिसर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला के डीन प्रो. गुलाब चंद पमनानी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल और संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से पौधारोपण अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी ही देश का भविष्य है। यदि युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा।
राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चला रही है। प्रशासन का प्रयास है कि सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों की सहभागिता से अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएं और उनके संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी निभाई जाए। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के डीन प्रो. गुलाब चंद पमनानी ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ पर्यावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लें।
कार्यक्रम के अंत में कंज्यूमर एसोसिएशन पंचकूला एवं श्री माता मनसा देवी राजकीय संस्कृत कॉलेज की ओर से सभी अतिथियों को सम्मान स्वरूप पौधे भेंट किए गए।