पिंजौर।
हरियाणा सरकार एवं हरियाणा वन विभाग के सहयोग से आयोजित चार दिवसीय राज्यस्तरीय युवा संवाद एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का गुरुवार को फॉरेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, पिंजौर में सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह कार्यक्रम 20 से 23 जुलाई 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश के 21 विश्वविद्यालयों से युवा कल्याण समन्वयक के लगभग 210 विद्यार्थी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, कार्यक्रम संयोजक नरेंद्र सिंह तथा अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक नरेंद्र सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य, महत्व और विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी।
अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाने और संतुलित पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष बल दिया। साथ ही विद्यार्थियों से समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।
कार्यक्रम के दूसरे दिन विद्यार्थी प्रतिनिधियों को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ संवाद करने का अवसर मिला। पिंजौर स्थित एप्पल मार्केट में पौधारोपण के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सुझाव सुने और उन पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। उन्होंने युवा प्रतिनिधियों को विद्यार्थी हितों के लिए समर्पित भाव से कार्य करने तथा ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को साकार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
चार दिवसीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, प्रो. (डॉ.) राज नेहरू, गजेन्द्र फोगाट तथा राकेश संधू ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को पंचकूला और पिंजौर के प्रमुख पर्यटन एवं प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण भी कराया गया। इनमें भीमा देवी मंदिर, प्राचीन बावड़ी, यादविंद्रा गार्डन (पिंजौर गार्डन), चंडी मंदिर, मोरनी फोर्ट, टिक्कर ताल, बड़ी शेर और साइलेंट वैली प्रमुख रहे।
समापन सत्र में कार्यक्रम संयोजक नरेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय स्तर पर पौधारोपण अभियान को गति देने तथा विद्यार्थियों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं तथा “विकसित हरियाणा–विकसित भारत” के संकल्प के साथ हुआ।