Summer express/धर्मशाला / राहुल चावला-: NEET पेपर लीक मामले और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर धर्मशाला में शुक्रवार को एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में आवाज उठाते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
प्रदर्शन में कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी, एनएसयूआई
पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से युवाओं का विश्वास परीक्षा प्रणाली से उठता जा रहा है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित रूप से बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लिया जाए और NEET पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।प्रदर्शन में शामिल छात्रा अलीशा ने कहा कि यह केवल किसी एक परीक्षा का नहीं बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य का सवाल है। उन्होंने सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून लागू करने की मांग की।वहीं छात्रा परीक्षा ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा देकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।