Summer express/शिमला,संजू-:शिमला में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के प्रवक्ता एवं ठियोग से विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों से जुड़े गंभीर सवालों पर सरकार जवाबदेही तय करने से बच रही है।
राठौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री देश के सामने स्पष्ट जवाब देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके अनुसार, इस विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए थी ताकि देश के सामने सरकार का पक्ष स्पष्ट रूप से रखा जा सके। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय की जानी चाहिए।विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि हाल के घटनाक्रमों में छात्रों और विपक्षी नेताओं के साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया। उनका कहना था कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को दबाने के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए। राठौर ने कहा कि कांग्रेस लगातार छात्रों और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों को उठा रही है और इसे राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए।प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कुछ मीडिया संस्थानों पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। साथ ही भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्ष से सवाल पूछने के बजाय सरकार को जनता के सामने अपने फैसलों और नीतियों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा का आईटी सेल युवाओं से जुड़े मुद्दों पर दुष्प्रचार करने का प्रयास कर रहा है।
कुलदीप सिंह राठौर ने पुलवामा आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में अब तक कई सवाल अनुत्तरित हैं और जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की रणनीति अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। इसके अलावा उन्होंने भाजपा पर धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।प्रेसवार्ता के अंत में राठौर ने कहा कि देश के युवाओं में विभिन्न मुद्दों को लेकर असंतोष बढ़ रहा है और सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषयों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।