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लाहौल हादसे में चट्टानों के नीचे दबकर चकनाचूर हुई टैक्सी, 13 लोगों की दर्दनाक मौत

Summer express, चंबा। हिमाचल प्रदेश के तिंदी-किलाड़ मार्ग पर हुए भीषण हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। गोरना के पास पहाड़ी से अचानक भारी चट्टानें गिरने से एक टाटा सूमो पूरी तरह मलबे में दब गई। हादसा इतना भयावह था कि वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन चट्टानों के नीचे दबे वाहन तक पहुंचना आसान नहीं था। पुलिस, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और प्रशासन की संयुक्त टीम ने सबसे पहले भारी मलबा हटाने का काम शुरू किया। वाहन बुरी तरह दबा होने के कारण उसमें फंसे शवों को बाहर निकालने के लिए एलएंडटी मशीनों की मदद लेनी पड़ी। कई शव गंभीर रूप से क्षत-विक्षत हो चुके थे, जिससे रेस्क्यू अभियान और भी चुनौतीपूर्ण बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों और राहत दल के सदस्यों के अनुसार, हादसे का दृश्य बेहद भयावह था। विशाल चट्टानों ने टाटा सूमो को पूरी तरह कुचल दिया था। राहत कर्मियों को मलबा हटाने के बाद एक-एक शव को अत्यंत सावधानी से बाहर निकालना पड़ा। हादसे की तस्वीरें और घटनास्थल का मंजर देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया।

यह दुर्घटना दोपहर करीब दो बजे संसारी-किलाड़-तिंदी-थिरोट मार्ग पर कडू नाला और श्योर के बीच गोरना के पास हुई। बताया जा रहा है कि टाटा सूमो तिंदी से पांगी की ओर जा रही थी, तभी अचानक पहाड़ी दरकने से भारी चट्टानें सीधे वाहन पर आ गिरीं। वाहन में सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और पूरा वाहन मलबे के नीचे दब गया।

इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां एक पल में उजाड़ दीं। दुर्घटना में एक दंपती भी अपनी जान गंवा बैठा, जिसने कुछ समय पहले ही अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए कुल्लू में छोड़ा था। कमला कुमारी और उनके पति बुद्धि सिंह बच्चों से जल्द मिलने का वादा कर पांगी लौट रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। दोनों की मौत के बाद उनके बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर तिंदी-किलाड़ मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के बढ़ते खतरे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने, मजबूत सुरक्षा दीवारें बनाने और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोका जा सके।

Karuna

infosummerexpress@gmail.com

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