Summer express, नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद मौसम में ठंडक घुल गई है। सुबह से शुरू हुआ बारिश का दौर देर रात तक जारी रहा। लगातार बारिश के कारण राजधानी के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई और कुछ स्थानों पर तीन से चार फीट तक पानी जमा होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पानी भरने के कारण कई इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम भी लगा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को दिल्ली में भारी से मूसलाधार बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के शुरुआती दिनों में ही दिल्ली में 127 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि अगस्त के शुरुआती दिनों में इससे पहले वर्ष 2011 में इतनी अधिक बारिश दर्ज की गई थी। इस लिहाज से इस बार अगस्त की शुरुआत में बारिश ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा है।
दिल्ली-NCR में आने वाले दिनों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। 13 अगस्त तक आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में हल्की बारिश या बौछारें पड़ने का अनुमान है। हालांकि बारिश के बीच उमस लोगों को परेशान कर सकती है। शनिवार को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 10 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना कम है। 11 अगस्त को सुबह और शाम हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 12 अगस्त को भी हल्की बौछारें पड़ने के आसार हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं। मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल और तटीय कर्नाटक में भी अगले दो से तीन दिनों के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। समुद्री इलाकों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों और पर्यटकों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी गई है। नेपाल में भारी बारिश के कारण बिहार की नदियों में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है, जबकि असम में पहले से ही स्थिति गंभीर बनी हुई है।
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात समेत करीब 15 राज्यों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने और वाहन चालकों को बारिश के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की गई है।