summer express, हमीरपुर (आरविंदर सिंह)। संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में शुरू की गई कलश वंदन यात्रा का रविवार को नादौन के ढगोह में भव्य समारोह के साथ समापन हुआ। करीब 750 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद यात्रा यहां पहुंची। समापन कार्यक्रम में सांसद अनुराग ठाकुर, भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, संत समाज और बड़ी संख्या में अन्य लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्देश्य संत रविदास जी के सामाजिक समरसता और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना तथा जातिवाद से ऊपर उठकर समाज के उत्थान के लिए काम करने का संकल्प लेना रहा। भाजपा नेताओं ने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएं आज भी समाज को एकता, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाती हैं। इन विचारों को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने के लिए अगले सात महीनों तक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कलश वंदन यात्रा शनिवार को ऊना पहुंची थी, जहां सांसद अनुराग ठाकुर ने इसमें हिस्सा लिया था। इसके बाद रविवार को यात्रा नादौन के ढगोह पहुंची और विधिवत रूप से इसका समापन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संत रविदास जी की जयंती को सामाजिक समरसता और जातिवाद के खिलाफ जागरूकता के उद्देश्य से वर्षभर मनाने की योजना की जानकारी भी दी गई।
आयोजकों के अनुसार अभियान को पांच चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में राष्ट्र स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद प्रदेश, जिला और मंडल स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम होंगे। चौथे चरण में पंजाब, जालंधर, हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों में आयोजन किए जाएंगे। पांचवें चरण में छात्र संपर्क अभियान चलाकर युवाओं और विद्यार्थियों को संत रविदास जी के विचारों से जोड़ा जाएगा।
सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि ढगोह में कलश वंदन यात्रा का समापन संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर किया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठाकर सामाजिक एकता और जनकल्याण की दिशा में आगे बढ़ाना है। अगले सात महीनों में संत रविदास जी के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति अध्यक्ष लाल सिंह ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के भाव के साथ सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ‘समरसता संकल्प अभियान’ की शुरुआत काशी से की गई थी। संत रविदास जी की जयंती के अवसर पर पांच चरणों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उनके सामाजिक सुधार और समानता के विचारों को देशभर में पहुंचाया जाएगा।