Summer express, चंडीगढ़ (अंकुर कपूर)। हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारवार्ता कर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर रणनीति तैयार की गई है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम, कानून-व्यवस्था, खाद की कमी, बिजली कर्मचारियों की मांगों और बारिश से हुए नुकसान समेत कई मुद्दे विधानसभा में उठाए जाएंगे।
हुड्डा ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम को लेकर सरकार पर युवाओं के शोषण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान युवाओं को नियमित करने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार ने इसे पूरा नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि रोजगार देने के बजाय निगम की अधिसूचना में ‘डिप्लॉयमेंट’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है। हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं का भविष्य अधर में है और सरकार को नियमित भर्ती की दिशा में कदम उठाना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस 19 अगस्त को पंचकूला में धरना देगी, जिसमें पार्टी के विधायक, सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल ने सरकार के कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। अशोक अरोड़ा और बीबी बत्रा की अध्यक्षता में यह कमेटी काम करेगी। कमेटी प्रदेश में सामने आए कथित घोटालों की जांच से जुड़े तथ्यों को जुटाकर उन्हें सार्वजनिक करने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और प्रॉपर्टी टैक्स में कथित अनियमितताओं को लेकर विधानसभा में कॉलिंग अटेंशन प्रस्ताव भी दिए जाएंगे।
हुड्डा ने प्रदेश में बारिश से हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारी बारिश से कई क्षेत्रों में नुकसान हुआ है और कांग्रेस सरकार से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने की मांग करेगी। बिजली कर्मचारियों की मांगों को भी विधानसभा में उठाने की बात उन्होंने कही। गुरुग्राम में प्रस्तावित पैरलल बिजली डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था का विरोध करते हुए हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराएगी।
गेस्ट टीचरों के मामले में सरकार के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एलपीए में जाने पर भी हुड्डा ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में भी शिक्षकों को लेकर अदालत के फैसले आए थे, लेकिन किसी शिक्षक को नौकरी से नहीं हटाया गया। उन्होंने सरकार से गेस्ट टीचरों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेने की मांग की।
हुड्डा ने प्रदेश में खाद की कमी का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि हरियाणा को जितनी खाद आवंटित की गई थी, सरकार उसका पूरा उठान नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि किसान खाद के लिए परेशान हैं और सरकार को इस समस्या का तत्काल समाधान करना चाहिए। ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट में वाहनों के औसत पर असर का उल्लेख किया गया है।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हुड्डा ने कहा कि स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने हिसार में हुई हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह चिंता का विषय है कि परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार नहीं कर रहा है। उन्होंने सरकार से कानून-व्यवस्था मजबूत करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी को लेकर हुड्डा ने कहा कि विधायक दल ने एक प्रस्ताव पारित किया है और सांसदों की मांग का कांग्रेस समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को कॉमनवेल्थ गेम्स की सह-मेजबानी मिलनी चाहिए। वहीं, हरियाणा के हिस्से के पानी का मुद्दा उठाते हुए हुड्डा ने कहा कि केंद्र के मंत्री राजस्थान के साथ पानी को लेकर समझौते कर रहे हैं, जबकि पहले हरियाणा को एसवाईएल का पानी दिलाया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से पंजाब में जाकर हरियाणा के हिस्से का पानी मांगने की अपील की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने खेल और खिलाड़ियों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने नया स्टेडियम बनाने और डीएसपी की भर्ती करने की दिशा में पर्याप्त काम नहीं किया। हुड्डा ने कहा कि उनके कार्यकाल में पदक विजेता खिलाड़ियों को डीएसपी बनाया गया था और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए गए थे।