Summer express/यमुनानगर, परवेज़ खान-: हरियाणा में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर कांग्रेस के 19 अगस्त को पंचकूला में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुज्जर ने कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी पर कर्मचारियों के मुद्दे की आड़ में राजनीति करने का आरोप लगाया है।कंवरपाल गुज्जर ने कहा कि कांग्रेस अपने शासनकाल की व्यवस्था को दोबारा लागू करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय कर्मचारियों को ठेकेदारों के माध्यम से रोजगार दिया जाता था और कई कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिलता था। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को कई-कई महीनों तक वेतन के लिए इंतजार करना पड़ता था।
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि सरकार की ओर से कर्मचारी के लिए करीब 12 हजार रुपये जारी किए जाते थे, लेकिन ठेकेदारों के माध्यम से कर्मचारियों तक केवल 9 हजार रुपये ही पहुंचते थे। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में कर्मचारियों के हित प्रभावित होते थे और बिचौलियों की भूमिका बनी रहती थी।कंवरपाल गुज्जर के अनुसार, भाजपा सरकार के दौरान कर्मचारियों की इस समस्या को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने उठाया गया, जिसके बाद हरियाणा कौशल रोजगार निगम की व्यवस्था तैयार की गई। उन्होंने कहा कि HKRN के माध्यम से कर्मचारियों को बिचौलियों से अलग कर सीधे उनके बैंक खातों में वेतन पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।उन्होंने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में कर्मचारियों को उनका पूरा भुगतान सीधे खाते में मिल रहा है और इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। कंवरपाल गुज्जर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कथित तौर पर पुराने ठेकेदारी मॉडल को वापस लाने की कोशिश कर रही है, लेकिन प्रदेश की जनता अब ऐसे मुद्दों को समझती है।गौरतलब है कि HKRN कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 19 अगस्त को पंचकूला में कांग्रेस के बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में HKRN कर्मचारियों का मुद्दा हरियाणा की राजनीति में और अधिक जोर पकड़ सकता है।