Summer express/चिंतपूर्णी,विकास-:हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी मंदिर में श्रावण अष्टमी मेले को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मंदिर परिसर और मां का दरबार आकर्षक फूलों से सजाया गया है। मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, दर्शन, लंगर और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है।
एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने मेले की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अब तक 97 लंगर संस्थाओं को अनुमति प्रदान की जा चुकी है। प्रशासन की ओर से लंगर स्थलों पर भी आवश्यक व्यवस्थाओं और अनुशासन पर नजर रखी जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर लगभग 24 घंटे खुला रहेगा। हालांकि, प्रतिदिन रात 12 बजे से 12:30 बजे तक करीब आधे घंटे के लिए मंदिर के कपाट साफ-सफाई और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए बंद रहेंगे।स्थानीय पुजारियों की सुविधा के लिए भी प्रशासन ने अलग व्यवस्था की है। सुबह 7 से 8 बजे तक निर्धारित काउंटर पर प्राथमिकता के आधार पर पुजारियों को पास जारी किए जाएंगे।सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन विशेष सतर्क है। मेले के दौरान करीब 250 सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। एसडीएम के अनुसार उपलब्ध सुरक्षा बल अपेक्षाकृत कम है, बावजूद इसके श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।सुरक्षा जांच को और मजबूत करने के लिए मंदिर प्रशासन ने अपने स्तर पर मेटल डिटेक्टर भी खरीदे हैं। इन उपकरणों की अनुमानित लागत करीब 2.5 से 3 लाख रुपये बताई गई है।प्रशासन का कहना है कि मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।