अशवनी पाहवा | लुधियाना
समर न्यूज
महानगर में चोरों का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि अब शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले डीसी कांप्लेक्स और पुलिस कमिश्नर कार्यालय से सटे इलाके में भी भारी-भरकम सामान चोरी होने लगा है।
डीसी कांप्लेक्स स्थित आरटीओ कार्यालय के बाहर लगा करीब 8 लाख रुपये का जनरेटर 26 जुलाई से गायब है। हैरानी की बात यह है कि अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। मंगलवार को बिजली गुल होने के बाद कार्यालय का काम प्रभावित हुआ तो जनरेटर चोरी होने का मामला सामने आया।
आरटीओ मनकवल सिंह चहल ने थाना डिवीजन नंबर-5 की पुलिस को जनरेटर चोरी होने की शिकायत दी है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि जनरेटर के साथ पुराने हाल में पड़ा एसी, कंप्यूटर और अन्य सामान भी गायब है। यह हाल पहले स्मार्ट चिप कंपनी के कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल होता था। कंपनी का काम पूरा होने के बाद कार्यालय बंद हो गया था, लेकिन सामान वहीं पड़ा था। बाद में वहां चौकीदार ने डेरा डाल लिया था। इसके बावजूद सामान गायब होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ऐसे में अब थाना डिवीजन नंबर पांच की पुलिस ने आरटीए दफ्तर में काम करने वाले अमरदीप सिंह के बयानों पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला तो दर्ज कर लिया है। लेकिन मामला पुराना होने के चलते पुलिस के हाथों में अब ना तो सीसीटीवी कैमरे की फुटेज है और ना ही आरोपियों की पहचान।
क्रेन या जेसीबी लेकर पहुंचे होंगे चोर
करीब 8 लाख रुपये का जनरेटर काफी भारी-भरकम था। उसे बिना क्रेन या जेसीबी के वहां से निकालना आसान नहीं था। ऐसे में आशंका है कि चोर पूरी तैयारी के साथ वाहन और क्रेन लेकर पहुंचे और जनरेटर को उठाकर ले गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा इलाका पुलिस कमिश्नर कार्यालय से सटा हुआ है। जनरेटर के सामने सिंगल विंडो और एसीपी आम्र्स लाइसेंस का कार्यालय है, जबकि आसपास सीआईए स्टाफ समेत पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों के दफ्तर मौजूद हैं।
मामला दर्ज होने के बाद जागा प्रशासन, बदले गए सीसीटीवी कैमरे
जनरेटर चोरी का मामला सामने आने और पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। जिसके बाद पुलिस कमिश्नर परिसर में लगे खराब/पुराने सीसीटीवी कैमरों को बदलवाया गया। अब सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैमरों की निगरानी और कवरेज पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, सवाल यह है कि यदि कैमरे पहले से चालू और निगरानी व्यवस्था पुख्ता थी तो करीब 8 लाख रुपये का भारी-भरकम जनरेटर चोर आखिर कैसे उठाकर ले गए।