सागर पाहवा | मोहाली
समर न्यूज
रयात बाहरा यूनिवर्सिटी की केंद्रीय लाइब्रेरी की ओर से भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगनाथन की जयंती को समर्पित लाइब्रेरियन दिवस मनाया गया। इस अवसर पर डॉ. रंगनाथन के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को याद किया गया।
समारोह में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) संजय कुमार, प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) सतीश कुमार, रजिस्ट्रार डॉ. नवनीत यादव, डीन, विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य तथा विद्यार्थी शामिल हुए। इस अवसर पर डॉ. एस. आर. रंगनाथन को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरियन साक्षी बहल ने संबोधित करते हुए डॉ. रंगनाथन की पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी सेवाओं और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने डॉ. रंगनाथन की ओर से प्रतिपादित पुस्तकालय विज्ञान के प्रसिद्ध पांच सिद्धांतों, कॉलन वर्गीकरण प्रणाली तथा पुस्तकालयों को शिक्षा, ज्ञान और सीखने के सक्रिय केंद्रों के रूप में विकसित करने संबंधी उनकी दूरदर्शी सोच के बारे में
जानकारी दी।
पुस्तकालय विज्ञान एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए डॉ. रंगनाथन को वर्ष 1957 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी पसंदीदा पुस्तकों की समीक्षाएं साझा कीं और अन्य विद्यार्थियों को भी पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के गणमान्य व्यक्तियों ने विद्यार्थियों एवं अकादमिक समुदाय को प्रभावी पुस्तकालय सेवाएं उपलब्ध करवाने तथा जीवंत अकादमिक वातावरण बनाए रखने के लिए केंद्रीय लाइब्रेरी की टीम की सराहना की।