अहमदाबाद | 12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 की क्रैश लैंडिंग को लेकर जारी हुई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट ने विमानन जगत को हिलाकर रख दिया है। दोनों इंजन टेकऑफ के महज 32 सेकंड बाद अचानक बंद हो गए—और हैरानी की बात ये है कि पायलटों ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था!
क्या अपने-आप कट गए फ्यूल स्विच?
AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) की 15 पेज की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे की वजह न तो तकनीकी खामी थी, न मौसम और न ही पायलट की गलती। बल्कि संभावना है कि फ्यूल कंट्रोल सिस्टम में गंभीर गड़बड़ी हुई, जिससे ईंधन की सप्लाई अचानक बंद हो गई।
कॉकपिट की बातचीत ने बढ़ाया रहस्य
जब इंजन बंद हुए तो कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दर्ज हुआ कि एक पायलट ने दूसरे से घबराकर पूछा – “तुमने फ्यूल स्विच क्यों बंद किया?” जवाब मिला – “मैंने कुछ नहीं किया!” यह संवाद यह संकेत देता है कि शायद कोई ऑटोमैटिक गड़बड़ी हुई, जिसने सबको चौंका दिया।
थ्रस्ट फेल, कंट्रोल गया हाथ से
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इंजन फेल होते ही पायलटों ने री-स्टार्ट की कोशिश की, लेकिन एक इंजन थोड़ी देर चला और दूसरा पूरी तरह फेल रहा। थ्रस्ट लीवर निष्क्रिय हो गए और विमान तेजी से ऊंचाई खोता गया।
RAT एक्टिव, लेकिन कुछ नहीं बचा सका
दोनों इंजन बंद होते ही विमान का इमरजेंसी सिस्टम – रैम एयर टर्बाइन (RAT) एक्टिव हुआ, जो कुछ वक्त के लिए सिस्टम्स को बिजली देता है। लेकिन इसका भी कोई असर नहीं पड़ा और विमान मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर पर जा गिरा।
260 मौतें, सिर्फ एक ज़िंदा बचा
इस भयावह हादसे में 260 लोगों की जान गई, जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश नागरिक, 12 क्रू मेंबर और एक कनाडाई यात्री शामिल थे। चमत्कारिक रूप से एक यात्री बचा, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अब सबसे बड़ा सवाल – क्या सिस्टम ने खुद फ्यूल काट दिया?
AAIB की रिपोर्ट ने सबसे बड़ा रहस्य यह बताया है कि फ्यूल कंट्रोल स्विच किसी इंसान ने मैनुअली बंद नहीं किए थे। तो फिर क्या सिस्टम ने खुद ऐसा किया? यह अब विस्तृत जांच का विषय है।
एयर इंडिया की प्रतिक्रिया
एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा – “हम प्रारंभिक रिपोर्ट से अवगत हैं और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं। हमारी प्राथमिकता जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।”