Summer express/शिमला, संजू-:हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण की घटना को लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि देश में इस तरह की घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। चौहान ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति और सोच समाज को बांटने वाली रही है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी हर स्तर पर आलोचना होनी चाहिए।मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे को लेकर चौहान ने कहा कि चुनावी माहौल को देखते हुए हिमाचल प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और सरकार की गतिविधियों की जानकारी पार्टी हाईकमान के समक्ष रखी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और अब इन उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति के साथ काम किया जाएगा।
लोकसभा में चर्चा न होना केंद्र सरकार की नाकामी-सीएम प्रधान मीडिया सलाहकार
मंत्रिमंडल में रिक्त पदों को भरने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस विषय पर पहले ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। पार्टी हाईकमान और मुख्यमंत्री के बीच होने वाली चर्चा के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि प्रदेश में जल्द ही इस दिशा में निर्णय सामने आ सकता है।जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे पर चौहान ने लोकतांत्रिक अधिकारों और जवाबदेही का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में केंद्र सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए था। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री लोकसभा में इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए मौजूद नहीं रहे। चौहान ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोकसभा की कार्यवाही प्रभावी रूप से न चल पाना लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।उन्होंने कहा कि सरकार से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा और जवाबदेही लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी है।