Summer express/करनाल/राकेश कुमार शर्मा -:करनाल में बसताड़ा टोल के पास हुई करीब 30 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने महज 19 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि लूट की साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता नरेंद्र के साथ मौजूद उसके ही दोस्त अरुण ने रची थी। आरोप है कि अरुण ने बदमाशों को गाड़ी में रखी करीब 30 लाख रुपये की नकदी की जानकारी देने के साथ-साथ नरेंद्र की कार की लाइव लोकेशन भी साझा की थी।
वारदात के बाद करनाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमों का गठन किया। पुलिस कप्तान के निर्देश पर CIA-3 को भी जांच में लगाया गया। पुलिस टीमों ने रातभर अभियान चलाते हुए वारदात से जुड़े लोगों, संदिग्धों और तकनीकी इनपुट की जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिनसे मामले की कड़ियां एक-एक कर जुड़ती चली गईं।
दोस्त बनकर साथ गया, बदमाशों को भेजी लोकेशन
जांच अधिकारी राजीव कुमार के अनुसार, शिकायतकर्ता नरेंद्र अपने दोस्तों के साथ कार में सवार था। कार में मौजूद लोगों में अरुण भी शामिल था। पुलिस का दावा है कि अरुण ने ही बदमाशों को नरेंद्र की गाड़ी में करीब 30 लाख रुपये होने की जानकारी दी और उनकी लोकेशन लगातार साझा की। इसके बाद स्कॉर्पियो सवार बदमाश मौके पर पहुंचे और हथियार के बल पर गाड़ी को रोककर लूट की वारदात को अंजाम दिया।
लूट के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए अरुण को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने वारदात में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी करनाल जिले के रहने वाले हैं।
चारों आरोपी करनाल जिले के
पुलिस ने कथित मुख्य साजिशकर्ता और मुखबिर अरुण को गिरफ्तार किया है, जो करनाल के हांसी चौक क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। इसके अलावा विशाल और कर्म सिंह दादूपुर गांव के निवासी बताए गए हैं। चौथे आरोपी राजेंद्र का संबंध कालाझोली-नरूखेड़ी गांव से बताया जा रहा है।
पुलिस को घटनास्थल से पिस्तौल की मैगजीन भी बरामद हुई थी। अब चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी है। रिमांड के दौरान पुलिस लूटी गई रकम, वारदात में इस्तेमाल हथियार और अन्य सामान बरामद करने का प्रयास करेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
19 घंटे में चार गिरफ्तारियां
करीब 30 लाख रुपये की लूट जैसी गंभीर वारदात के बाद पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई की, उससे मामले की जांच में तेजी दिखाई दी। महज 19 घंटे के भीतर चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का अगला फोकस लूट की रकम और हथियार की बरामदगी पर है। पुलिस रिमांड के दौरान पूरे घटनाक्रम और साजिश की अन्य कड़ियों के सामने आने की उम्मीद है।