Summer express/धर्मशाला | राहुल चावला-:मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाने और किसी भी आपदा की स्थिति में संचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए बीएसएनएल ने तैयारियां तेज कर दी हैं। धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता में बीएसएनएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक डॉ. विपिन कुमार मौर्या ने बताया कि यात्रा शुरू होने से पहले धनछो और हड़सर में 4G सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।डॉ. मौर्या ने बताया कि धनछो में 4G टावर की स्थापना का काम पूरा हो चुका है और फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले टावर को ऑन-एयर कर श्रद्धालुओं के लिए मोबाइल सेवा उपलब्ध करवाने की योजना है। इस टावर के शुरू होने से मणिमहेश की ओर करीब तीन से चार किलोमीटर अतिरिक्त क्षेत्र में मोबाइल सिग्नल मिलने की उम्मीद है।
डॉ. मौर्या ने बताया कि हड़सर में भी 4G टावर लगाने का काम जारी है। बीएसएनएल का प्रयास है कि यात्रा आरंभ होने से पहले यहां भी सेवा शुरू कर दी जाए। इन दोनों टावरों के चालू होने से यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को भी संचार सुविधा का लाभ मिलेगा।
आपदा के समय संचार व्यवस्था को मिलेगा सहारा
बीएसएनएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक ने कहा कि पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा के दौरान मणिमहेश क्षेत्र में संचार व्यवस्था की कमी महसूस हुई थी। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। धनछो में स्थापित टावर को मुख्य रूप से यात्रा अवधि के दौरान ही संचालित किया जाएगा, क्योंकि सामान्य दिनों में यह क्षेत्र आबादी वाला नहीं है।
सैटेलाइट फोन सेवा भी रहेगी महत्वपूर्ण
डॉ. मौर्या ने बताया कि ऐसे दूरदराज क्षेत्रों में, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता, ग्लोबल सैटेलाइट फोन सर्विस (GSPS) आपदा के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह सेवा वर्ष 2019 में शुरू की गई थी और सैटेलाइट के माध्यम से संचार सुविधा उपलब्ध करवाती है।उन्होंने बताया कि सरकारी उपयोगकर्ताओं के लिए GSPS कॉल की दर करीब 18 रुपये प्रति मिनट और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के लिए करीब 25 रुपये प्रति मिनट है। आपदा की स्थिति में यह दर लगभग 12 रुपये प्रति मिनट हो जाती है। GSPS हैंडसेट की कीमत करीब 1.35 लाख रुपये प्लस जीएसटी है। चंबा में वर्तमान में दो व्यावसायिक उपभोक्ता इस सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो हाइड्रो प्रोजेक्ट से जुड़े हैं।