Summer express, धर्मशाला, राहुल चावला। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर धर्मशाला में निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेनपा त्सेरिंग ने ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में निर्वासित तिब्बती सरकार के मंत्री, सांसद और बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय के लोग शामिल हुए।
इस अवसर पर पेनपा त्सेरिंग ने भारतवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तिब्बती समुदाय हर वर्ष भारत का स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस उत्साह के साथ मनाता है। उन्होंने भारत की आजादी के लिए किए गए संघर्ष और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया।
उन्होंने कहा कि आजादी और लोकतंत्र का वास्तविक महत्व वही व्यक्ति समझ सकता है, जिसने स्वतंत्रता से वंचित जीवन का अनुभव किया हो। पेनपा त्सेरिंग ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि पिछले कई दशकों में भारत ने लोकतंत्र के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
तिब्बती प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने दुनिया के सामने यह साबित किया है कि एशिया में भी एक मजबूत, जीवंत और लोकतांत्रिक व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित हो सकती है। उन्होंने भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं की मजबूती को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
चीन को संदेश देते हुए पेनपा त्सेरिंग ने कहा कि किसी भी समाज के लिए केवल आर्थिक और भौतिक विकास पर्याप्त नहीं है। लोगों को अपनी भावनात्मक और आध्यात्मिक स्वतंत्रता की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने चीन से तिब्बती संस्कृति, पहचान और परंपराओं का सम्मान करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि तिब्बती लोगों के अधिकारों और उनकी आकांक्षाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भारत और तिब्बत के संबंधों तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर भी विचार साझा किए गए।