Summer express/अंबाला -:अंबाला छावनी में बने शहीद स्मारक में अब 1857 की क्रांति से जुड़े देशभर के संघर्षों का इतिहास आधुनिक तकनीक के जरिए लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ शहीद स्मारक के ओपन एयर थिएटर में लाइट एंड साउंड शो का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 10 मई 1857 को अंबाला छावनी से उठी आजादी की चिंगारी ने देशभर में संघर्ष का रूप लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि शहीद स्मारक के उद्घाटन के बाद हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी की शाम यहां विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं, कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के दौरान कांग्रेस नेताओं के बातचीत करने के मामले को लेकर विज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
अंबाला छावनी में 22 एकड़ क्षेत्र में तैयार किए गए शहीद स्मारक में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े इतिहास को नई तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ यहां आयोजित भव्य लाइट एंड साउंड शो का अवलोकन किया।पत्रकारों से बातचीत में अनिल विज ने कहा कि 1857 में अंबाला छावनी से उठी स्वतंत्रता की चिंगारी के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए संघर्षों की पूरी कहानी शहीद स्मारक में दिखाई जाएगी। अंबाला के साथ-साथ मेरठ, झांसी और अन्य स्थानों पर हुए संघर्षों को तकनीक के माध्यम से दर्शाने की तैयारी है।अनिल विज ने कहा कि 10 मई 1857 को अंबाला छावनी से आजादी की पहली लड़ाई की चिंगारी उठी थी। उनके अनुसार उस समय अंग्रेजों के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में सशस्त्र संघर्ष हुआ और लोगों के भीतर आजादी की भावना मजबूत हुई। उन्होंने कहा कि इसी इतिहास को समर्पित शहीद स्मारक आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम की जानकारी देने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
विज ने उम्मीद जताई कि शहीद स्मारक के उद्घाटन के बाद हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की शाम यहां भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से इतिहास को रोचक और आधुनिक तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। शहीद स्मारक के निदेशक कुलदीप सैनी तथा पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
वहीं, कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम गाए जाने के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सीपीपी चेयरपर्सन सोनिया गांधी के बातचीत करते दिखाई देने पर अनिल विज ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के सम्मान में जिस तरह सावधान खड़ा होना चाहिए था, उस तरह कांग्रेस के नेता खड़े नहीं हुए।विज ने कांग्रेस पर देश के विभाजन और 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि देश के विभाजन के लिए कौन जिम्मेदार था और 1984 में हुए सिख नरसंहार के समय सत्ता किसके हाथ में थी। राहुल गांधी के एक बयान का हवाला देते हुए विज ने सवाल उठाया कि यदि गोली चलने के लिए ऊपर से आदेश की बात कही जाती है, तो 1984 में ऐसे आदेश किसके थे।अनिल विज के इन बयानों के बाद एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है।