Summer express ,जींद। दाता सिंहवाला-खनौरी बॉर्डर पर किसानों की ओर से बुधवार को प्रस्तावित पैदल मार्च प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद फिलहाल स्थगित कर दिया गया। प्रशासन ने किसानों को 4 सितंबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया है। इसके बाद 51 किसानों के जत्थे की ओर से चलाया जा रहा पैदल मार्च भी रोक दिया गया है।
बुधवार सुबह नरवाना के एसडीएम जगदीश चंद्र और डीएसपी कमलदीप राणा की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों और किसान प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई। बैठक में किसानों की मांगों और प्रस्तावित आंदोलन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन की ओर से 4 सितंबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ वार्ता कराने का आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने अपने प्रस्तावित मार्च को स्थगित करने पर सहमति जताई।
इसके बाद एसडीएम और डीएसपी दाता सिंहवाला-खनौरी बॉर्डर पर पंजाब की तरफ धरने पर बैठे किसानों के पास पहुंचे और उन्हें बैठक के बारे में जानकारी दी। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि 51 किसानों के जत्थे के रूप में चल रही पैदल यात्रा को फिलहाल स्थगित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है और सरकार के साथ बातचीत के परिणाम के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
किसानों ने बुधवार सुबह करीब 11 बजे अर्धनग्न अवस्था में पैदल मार्च करते हुए बॉर्डर पर लगी बैरिकेडिंग तक पहुंचने का कार्यक्रम घोषित किया था। प्रशासन और किसान नेताओं के बीच सहमति बनने के बाद यह कार्यक्रम टाल दिया गया। एसडीएम जगदीश चंद्र ने कहा कि किसानों के वापस लौटने के बाद हरियाणा की तरफ लगाई गई बैरिकेडिंग हटाने की प्रक्रिया भी की जाएगी।
किसान नेता डल्लेवाल ने कहा कि 4 सितंबर की बैठक में किसानों की मांगों को केंद्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बैठक के बाद यदि सरकार ने बातचीत में टालमटोल की या किसानों की मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को दोबारा तेज किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर विभिन्न राज्यों से किसानों के जत्थे पैदल यात्रा में शामिल होकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंच सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत के बाद बॉर्डर पर प्रस्तावित मार्च को टाल दिया गया है। अब किसानों की नजर 4 सितंबर को होने वाली केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ बैठक पर रहेगी।