summer express, सुंदर कुंडू ,पलवल,। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से शुक्रवार को जिला सचिवालय सभागार में किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन ड्रॉ ऑफ लॉट्स निकाला गया। एसडीएम भूपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुए इस ड्रॉ में सुपर सीडर और स्ट्रॉ बेलर के लिए प्राप्त आवेदनों में से किसानों का चयन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ कृषि विज्ञान केंद्र मंडकौला और पंजाब नेशनल बैंक के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
सहायक कृषि अभियंता जयसिंह ने बताया कि ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से 59 सुपर सीडर और 2 स्ट्रॉ बेलर के लिए किसानों का चयन किया गया है। वहीं, एक स्ट्रॉ बेलर और 18 सुपर सीडर के आवेदकों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। चयनित किसानों को अपने आवश्यक दस्तावेज 25 अगस्त 2026 तक सहायक कृषि अभियंता, पलवल के कार्यालय में जमा कराने होंगे।
उन्होंने बताया कि सुपर सीडर और स्ट्रॉ बेलर के अलावा अन्य कृषि यंत्रों के लिए प्राप्त आवेदनों को भी स्वीकार कर लिया गया है। इनमें सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर, मल्चर, रोटरी स्लेशर, श्रब मास्टर, हाइड्रोलिक एमबी प्लो, जीरो टिल सीड ड्रिल, सरफेस सीडर, क्रॉप रीपर, ट्रैक्टर माउंटेड लोडर और ट्रैक्टर ड्रॉन टेडर मशीन शामिल हैं।
जयसिंह ने बताया कि वर्ष 2026-27 में फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन मशीनों की मदद से किसान धान की पराली का खेत में ही उचित प्रबंधन कर सकते हैं। सुपर सीडर के माध्यम से पराली को खेत में मिलाया जा सकता है, जबकि स्ट्रॉ बेलर से पराली की गांठें तैयार कर उन्हें उपयोग में लाने या अतिरिक्त आय का साधन बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान और आधुनिक तकनीक से पराली प्रबंधन के फायदों की जानकारी भी दी गई। किसानों ने सरकार की योजना को उपयोगी बताते हुए कहा कि सब्सिडी पर कृषि यंत्र मिलने से उन्हें पराली के उचित प्रबंधन में मदद मिलेगी और खेती की लागत को भी नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है।
इस अवसर पर उपमंडल कृषि अधिकारी सुनील दत्त, एडीओ एफआई एवं इंजीनियर जयसिंह, कृषि विज्ञान केंद्र मंडकौला की वैज्ञानिक डॉ. कांता सबरवाल और पंजाब नेशनल बैंक पलवल की उप प्रबंधक देवेंद्री सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।