Summer express/ऊना, राकेश-: एससी-एसटी विकास निधि के लिए हिमाचल प्रदेश में स्पेशल एक्ट बनाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। सोमवार को ऊना जिला मुख्यालय पर एससी-एसटी समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्टेट कोलैशन फॉर लेजिसलेशन ऑफ एससी-एसटी सब प्लान हिमाचल प्रदेश के बैनर तले धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त ऊना के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजकर एससी-एसटी विकास निधि के लिए जल्द कानून बनाने की मांग उठाई गई।इस दौरान पी. डॉक्टर बी. आर. अंबेडकर मिशन अनुसूचित जाति कल्याण समिति, श्री गुरु रविदास महासभा, संत कबीर महासभा, महर्षि वाल्मीकि सभा, बहुजन संयुक्त मोर्चा सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मीडिया से बातचीत करते हुए प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि वर्ष 1980 से एससी-एसटी आबादी के अनुपात में बजट में विकास निधि का प्रावधान किया जा रहा है, लेकिन इस राशि का निर्धारित उद्देश्य के अनुसार उपयोग नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी वर्ग के विकास के लिए आवंटित बजट को अन्य विकास कार्यों में खर्च या स्थानांतरित किए जाने से इस वर्ग को उसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।प्रतिनिधियों ने कहा कि एससी-एसटी समाज की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उन्नति सुनिश्चित करने के लिए निधि की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी एससी-एसटी विकास निधि के लिए विशेष कानून बनाने की मांग की।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बजट का निर्धारित वर्ग के विकास के लिए प्रभावी उपयोग सुनिश्चित नहीं किया गया तो समानता और सामाजिक न्याय का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से मांग की कि एससी-एसटी विकास निधि कानून को बिना देरी लागू किया जाए, ताकि इस वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।