गुरशरण सिंह | मोहाली
समर न्यूज
धन-धन अमर शहीद जत्थेदार बाबा हनुमान सिंह जी के शहीदी स्थान गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाणा में दसवीं का दिहाड़ा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह 9 बजे श्री सहज पाठ साहिब के भोग डाले गए, जिसके बाद पूरे दिन धार्मिक समागम आयोजित हुआ।
समागम में भाई राजिंदर सिंह श्री तरनतारन साहिब वाले के इंटरनेशनल ढाडी जत्थे ने सिख राज के अंतिम दौर और सरदार शाम सिंह अटारी की शहादत का प्रसंग ढाडी वारों के माध्यम से संगत के सामने रखा। भाई दविंदर सिंह, हजूरी रागी श्री दरबार साहिब अमृतसर ने रसपूर्ण कीर्तन के जरिए संगत को गुरबाणी से जोड़ा।
शिरोमणि प्रचारक ज्ञानी बूटा सिंह देहरादून वाले ने खंडे बाटे के अमृत की महत्ता बताते हुए संगत को अमृत छककर गुरु वाले बनने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा भाई बलदेव सिंह दमदमी टकसाल, भाई गुरकारज सिंह का इंटरनेशनल ढाडी जत्था, भाई गुरसेवक सिंह लुधियाना, भाई जगप्रीत सिंह दिल्ली, भाई लखविंदर सिंह अमृतसर और भाई संदीप सिंह श्री आनंदपुर साहिब वाले सहित कई जत्थों ने कीर्तन, कविशरी और गुरमत विचारों से संगत को निहाल किया। गुरुद्वारा सिंह शहीदां के हजूरी जत्थों भाई इंदरजीत सिंह, भाई हरबख्श सिंह, भाई गुरमीत सिंह और भाई जसवंत सिंह ने भी धार्मिक प्रस्तुतियां दीं। सभी जत्थों को सिरोपे देकर सम्मानित किया गया। दसवीं के दिहाड़े पर हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान किया। विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की और दवाइयां गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से उपलब्ध करवाई गईं।
इस अवसर पर आयोजित अमृत संचार में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने खंडे बाटे का अमृत छका।