मुकुल शर्मा । चंडीगढ़
समर न्यूज
नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने द समर न्यूज हरियाणा से खास बातचीत में अपने राजनीतिक सफर, विधानसभा में उठाए जाने वाले मुद्दों, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, बाढ़, पेपर लीक और एसआईआर को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद उनकी जिम्मेदारी बढ़ी है और अब उन्हें क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर विधानसभा में उठाना है।
{राजनीतिक सफर और कांग्रेस में आने पर बोले: जस्सी पेटवाड़ ने बताया कि उनकी राजनीतिक शुरुआत आईएनएलडी से हुई थी। बाद में पार्टी में विभाजन और बदलते राजनीतिक हालात के बीच उन्होंने कांग्रेस का रुख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा से असहमति उनके कांग्रेस में आने की प्रमुख वजहों में से एक रही। 2024 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद उन्होंने खुद को करीब सवा दो लाख लोगों की जिम्मेदारी वाला प्रतिनिधि बताया।
{किसान, सड़क और शिक्षा के मुद्दे उठाने की बात: विधानसभा सत्र में प्राथमिकता वाले मुद्दों पर उन्होंने किसानों को सबसे ऊपर रखा। उनका आरोप है कि 2025 के बाद भी कई किसानों को फसल खराबे का मुआवजा नहीं मिला और इस बार कई क्षेत्रों में गिरदावरी नहीं हुई। इसके अलावा उन्होंने खराब सड़कों, स्कूलों में शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाने की बात कही।
{बेरोजगारी और पेपर लीक पर सरकार को घेरा: विधायक ने सरकारी रोजगार के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए हरियाणा में बेरोजगारी की स्थिति को गंभीर बताया। उन्होंने सरकारी भर्तियों में प्रदेश के युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने का आरोप लगाया। पेपर लीक को लेकर उन्होंने केंद्र और हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ी है।
{बाढ़ और जलभराव पर मांगा जवाब
जस्सी पेटवाड़ ने नारनौंद में लगातार बाढ़ और जलभराव की समस्या का जिक्र करते हुए नई ड्रेनों के निर्माण और पुरानी ड्रेनों की व्यवस्था सुधारने की मांग की। उन्होंने कहा कि बार-बार बाढ़ आने के बावजूद जल निकासी की स्थायी व्यवस्था पर पर्याप्त काम नहीं हुआ है।
{एसआईआर पर भी जताई आपत्ति
एसआईआर को लेकर विधायक ने इसे लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल विपक्षी मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और बातचीत में इनके समर्थन में स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए गए।
{2029 को लेकर विधायक की मांग
जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणापत्रों को जवाबदेह बनाने के लिए ऐसा कानून होना चाहिए, जिसमें वादे पूरे नहीं करने वाली पार्टी को अगले चुनाव में रोकने का प्रावधान हो। उन्होंने कहा कि जनता को केवल वादे नहीं, बल्कि उनके परिणाम भी मिलने चाहिए।
जस्सी पेटवाड़ ने बातचीत के दौरान किसानों को फसल खराबे का मुआवजा, नारनौंद में जलभराव और ड्रेनेज व्यवस्था, स्कूलों में शिक्षकों व बुनियादी सुविधाओं की कमी, युवाओं के रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक जैसे मुद्दों को प्रमुख बताया। उन्होंने कर्मचारियों और कच्चे कर्मचारियों की समस्याओं के साथ-साथ एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता की जरूरत पर भी सवाल उठाए।