वीडियो वायरल होने के बाद हुआ था विवाद; जांच के बाद दर्ज हुआ था केस
समर न्यूज | खन्ना
लुधियाना की सत्र अदालत ने खन्ना सदर थाने के तत्कालीन एसएचओ और इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह को तीन लोगों के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार करने के मामले में तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। मामला जून 2019 का है, जब एक पूर्व सरपंच, उसके बेटे और एक परिचित को थाने में निर्वस्त्र किए जाने और उनके साथ मारपीट का वीडियो सामने आया था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे।
वीडियो में तीन लोगों को थाने में निर्वस्त्र अवस्था में खड़े देखा गया था। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया था कि उन्हें हिरासत में लेकर मारपीट की गई और पूरी घटना का वीडियो बनाया गया। पुलिस ने बाद में तीनों की पहचान गांव दहेड़ू के पूर्व सरपंच जगपाल सिंह उर्फ जोगी, उनके बेटे गुरवीर सिंह और उनके परिचित जसवंत सिंह के रूप में की थी।
मामला सामने आने के बाद तत्कालीन पुलिस महानिदेशक ने जांच के निर्देश दिए थे। बाद में विशेष जांच दल का गठन किया गया। जांच के आधार पर बलजिंदर सिंह और तत्कालीन कांस्टेबल वरुण कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। दोनों पर चोट पहुंचाने, अवैध हिरासत, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने तथा सूचना प्रौद्योगिकी कानून समेत विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई हुई थी।
उच्च न्यायालय तक पहुंचा था मामला: पीड़ितों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का भी रुख किया था। अदालत के समक्ष याचिका में पुलिस अधिकारी और अन्य प्रभावशाली लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। बाद में मामले की जांच विशेष जांच दल ने की। वर्ष 2020 में बलजिंदर सिंह को गिरफ्तार भी किया गया था। जांच के दौरान वीडियो बनाने में कांस्टेबल वरुण कुमार की भूमिका भी सामने आई थी। उच्च न्यायालय के रिकॉर्ड में उसके मोबाइल फोन से वीडियो बनाए जाने का उल्लेख है। हालांकि, मामले में अलग-अलग चरणों में आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम को लेकर पक्षों की ओर से अलग दावे किए गए थे।
सजा से पूरी तरह संतुष्ट नहीं पीड़ित पक्ष: पीड़ित पक्ष के वकील गुरविंदर सिंह बराड़ के अनुसार, तीन साल की सजा के बावजूद वे फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि दोषी अधिकारी को पुलिस सेवा से बर्खास्त करने की मांग की जाएगी। मामले में लागू अन्य धाराओं के तहत सजा बढ़ाने के लिए उच्च न्यायालय का रुख करने पर भी विचार किया जा रहा है। अदालत के विस्तृत फैसले की प्रति उपलब्ध होने के बाद सजा, जुर्माने और सह-आरोपी वरुण कुमार से जुड़े निर्देशों की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।