Summer express/ऊना, राकेश-:संतोषगढ़ रोड पर रामपुर में क्षतिग्रस्त पुल का मामला एक बार फिर विधानसभा में उठने से क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्या चर्चा में आ गई है। ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने बुधवार को मानसून सत्र के दौरान शून्यकाल में पुल के पुनर्निर्माण में हो रही देरी पर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि पुल करीब तीन वर्षों से खराब है और इसके चलते हजारों लोगों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने कहा कि रामपुर का यह पुल ऊना विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ करीब 15 ग्राम पंचायतों, संतोषगढ़ नगर परिषद, हरोली क्षेत्र और पंजाब की ओर आने-जाने वाले लोगों के लिए भी अहम संपर्क मार्ग है। पुल की स्थिति खराब होने के बाद यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई बार छोटे-बड़े वाहनों को खड्ड से होकर गुजरना पड़ता है, जबकि बारिश या अन्य परिस्थितियों में लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ता है।सत्ती ने कहा कि इससे लोगों का समय और ईंधन दोनों अधिक खर्च हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इसी मार्ग पर इंडियन ऑयल का महत्वपूर्ण टर्मिनल स्थित है। पुल की खराब हालत के कारण भारी वाहनों की आवाजाही और माल ढुलाई प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों तथा पंजाब की तरफ चलने वाली बस सेवाओं पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ा है।विधायक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन साल का लंबा समय बीत जाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जनता को इतने लंबे समय तक परेशानी में रखने के लिए जिम्मेदार कौन है और किस स्तर पर निर्माण कार्य में देरी हुई।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जवाब देते हुए विधानसभा में बताया कि पुल के पुनर्निर्माण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बजट जारी किया जा चुका है। उन्होंने विभाग को लंबित प्रक्रिया पूरी कर काम जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।सत्ती ने मांग की कि अब बजट जारी होने के बाद निर्माण कार्य में किसी भी तरह की और देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुल की बदहाली का असर रामपुर के स्थानीय कारोबार पर भी पड़ा है। दुकानदारों के अनुसार आवाजाही कम होने से उनका व्यवसाय प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों ने भी सरकार से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है।