गुरशरण सिंह | सुरिंदर सिंह अंकुश
समर न्यूज | मोहाली
मोहाली नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने शहर में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की कमी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की वीआईपी ड्यूटी, धरनों और रूट ड्यूटी में तैनाती के कारण आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
बेदी ने सेक्टर-80 में बीती रात एक दुकान पर हुई फायरिंग की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि मोहाली में गोलीबारी, स्नैचिंग, चोरी और लूटपाट की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि मोहाली एक महत्वपूर्ण कारोबारी और निवेश केंद्र है। यहां गमाडा की ओर से जमीनों की बिक्री से सरकार को बड़ा राजस्व मिलता है और लगातार बड़े स्तर पर निवेश हो रहा है। ऐसे में यदि शहर में अपराध और असुरक्षा का माहौल बना रहता है तो इसका सीधा असर नए निवेश और शहर के विकास पर पड़ सकता है।
कुलजीत सिंह बेदी ने शहर में नशे की उपलब्धता को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बाहर से पीजी में रहने आने वाले युवाओं को थोड़े समय में यह पता चल जाता है कि नशा कहां उपलब्ध है, ऐसे में पुलिस नशे की सप्लाई करने वाले स्रोतों तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
बेदी ने कहा कि चंडीगढ़ में पुलिस बल की संख्या हजारों में है, जबकि मोहाली समेत पूरे जिले में पुलिसकर्मियों की संख्या उसके मुकाबले काफी कम है। दूसरी ओर मोहाली की आबादी, कारोबारी गतिविधियां और शहरी विस्तार लगातार बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस बल उसी अनुपात में नहीं बढ़ा, जिससे थानों की नियमित पुलिसिंग और अपराध रोकने का काम प्रभावित हो रहा है। पूर्व डिप्टी मेयर ने कहा कि मोहाली में अक्सर वीआईपी दौरे, रूट और विभिन्न धरनों के कारण बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को सड़कों पर तैनात करना पड़ता है।