गुरशरण सिंह | मोहाली
समर न्यूज
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने अकाली-भाजपा के संभावित गठबंधन की चर्चाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इनमें से किसी भी पार्टी के पैर पंजाब में नहीं टिकने वाले, चाहे वे एक साथ क्यों न आ जाएं, क्योंकि प्रदेश की जनता इन दोनों पार्टियों को एक से अधिक बार नकार चुकी है।
सिद्धू ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने दिल्ली मोर्चे के 750 से अधिक शहीद किसानों की लाशों को लांघकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाकर अवसरवाद व स्वार्थ की राजनीति की सारी हदें पार कर दीं। कभी राज्यों की स्वायत्तता की बात करने वाला अकाली दल आज उन अधिकारों पर हमला करने वाली भाजपा के साथ गठबंधन के लिए गिड़गिड़ा रहा है। इस बेमेल राजनीतिक गठबंधन के जरिए अकाली दल क्षेत्रीय भावनाओं, इच्छाओं और आकांक्षाओं का गला घोंटने की राह पर चल पड़ा है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि भाजपा ने अकालियों के सामने उन तीन कृषि कानूनों का विरोध छोड़ने की शर्त रखी है, जिन्हें रद्द करवाने के लिए किसानों को लंबा और खून-पसीने से भरा संघर्ष करना पड़ा था। अकालियों की ओर से भाजपा के आगे घुटने टेकने के कारण पंजाब या सिखों का एक भी मुद्दा हल होने के बजाय ये सभी मामले और अधिक उलझ गए।