Summer express , संजीव महाजन,नूरपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर नूरपुर के ऐतिहासिक श्रीबृजराज स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिर में दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के शुभ अवसर पर विशेष आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर भगवान के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।
जन्माष्टमी की रात मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भरा रहा। जैसे ही मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय हुआ, पूरा मंदिर परिसर जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल होकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का विशेष वातावरण देखने को मिला।
नूरपुर का श्रीबृजराज स्वामी मंदिर अपनी धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के साथ मीरा जी की भी सदियों से पूजा होती आ रही है। मंदिर में स्थापित काले संगमरमर से निर्मित भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। भक्त इस स्वरूप के दर्शन को आध्यात्मिक अनुभव से जोड़कर देखते हैं।
ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार, मंदिर का निर्माण 16वीं शताब्दी में नूरपुर के राजा जगत सिंह ने करवाया था। प्राचीन वास्तुकला, धार्मिक मान्यताओं और ऐतिहासिक विरासत के कारण यह मंदिर नूरपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है।
जन्माष्टमी के दिन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दिनभर पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे। रात होते-होते मंदिर परिसर में भक्तों की संख्या और बढ़ गई। मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्म के साथ ही श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ जयकारे लगाए और आरती में भाग लिया। पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।