summer express, बलिंदर कुमार ,कैथल | एम्पलाइज कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं को धर्म, आध्यात्म और सनातन संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। वृंदावन से पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक चतुर्भुज महाराज कथा के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं, श्रीमद्भागवत गीता के संदेश और सनातन धर्म के महत्व से परिचित करवा रहे हैं।
कथा के दौरान चतुर्भुज महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में कलियुग का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे दौर में धर्म का प्रचार-प्रसार, प्रभु का स्मरण और हरि नाम का जाप समाज को सकारात्मक दिशा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधर्म का अंत धर्म के मार्ग पर चलकर ही संभव है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में धर्म, सदाचार और प्रभु भक्ति को अपनाने का प्रयास करना चाहिए। इससे न केवल व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा, बल्कि समाज में भी अच्छा वातावरण तैयार होगा।
कथावाचक ने श्रीमद्भागवत कथा के दौरान राजा परीक्षित और सुखदेव मुनि से जुड़े प्रसंग का भी विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित को कलियुग के प्रभाव और उससे बचने के उपायों के संबंध में सुखदेव मुनि ने महत्वपूर्ण ज्ञान दिया था। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को इन प्रसंगों से सीख लेते हुए धर्म के मार्ग पर चलने, प्रभु का स्मरण करने और सद्कर्म करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
शिव मंदिर के पुजारी कृष्णा मोदगिल ने बताया कि श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में इस कथा का आयोजन किया गया है। कथा में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी पहुंचकर धार्मिक प्रवचन सुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य लोगों को धर्म और आध्यात्म से जोड़ने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से परिचित करवाना है।
कथा के समापन अवसर पर मंदिर परिसर में भंडारे किया जाएगा। आयोजकों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से समापन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।