summer express , बादली। जननायक जनता पार्टी (जजपा) को बादली विधानसभा क्षेत्र में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के हलका अध्यक्ष धर्मेंद्र गुलिया ने अपने पद के साथ-साथ जजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी कार्यालय भेजने के साथ ही इसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी। गुलिया के इस्तीफे के बाद बादली क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
धर्मेंद्र गुलिया का परिवार लंबे समय से चौधरी देवीलाल परिवार से राजनीतिक रूप से जुड़ा रहा है। बताया जाता है कि गुलिया परिवार और देवीलाल परिवार के बीच करीब पांच पीढ़ियों पुराना राजनीतिक संबंध रहा है। यह जुड़ाव चौधरी देवीलाल से शुरू होकर पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, अजय चौटाला और वर्तमान में दुष्यंत चौटाला तक कायम रहा। ऐसे में गुलिया का जजपा से अलग होना स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
धर्मेंद्र गुलिया इससे पहले इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) में भी सक्रिय राजनीति कर चुके हैं। वह जिला पार्षद रह चुके हैं और इनेलो के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। बाद में उन्होंने इनेलो से अलग होकर जननायक जनता पार्टी का रुख किया और पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम किया। जजपा में उन्हें बादली विधानसभा क्षेत्र का हलका अध्यक्ष बनाया गया था।
इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र गुलिया ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उन्होंने राजनीति से दूरी बनाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इन दिनों वह निजी कार्यों में व्यस्त हैं, जिसके चलते राजनीतिक गतिविधियों से अलग रहने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने की उनकी कोई योजना नहीं है।
गुलिया के इस्तीफे से जजपा को बादली क्षेत्र में संगठनात्मक स्तर पर झटका लगा है। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में पारिवारिक राजनीतिक जुड़ाव को देखते हुए उनके इस फैसले को स्थानीय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।