summer express, नई दिल्ली। राजधानी में इस सप्ताहांत होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर दिल्ली के लग्जरी होटलों में तैयारियां तेज हो गई हैं। दुनियाभर से राष्ट्राध्यक्षों, राजदूतों, अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधिमंडलों के पहुंचने के कारण प्रमुख होटलों में कमरों की मांग अचानक बढ़ गई है। इसका असर होटल किरायों पर भी दिखाई दे रहा है। कई लग्जरी होटलों में एक रात का किराया 1.30 लाख रुपये से लेकर 13 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन में ब्राजील, चीन, रूस, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान समेत 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। 10 सितंबर से ही राजदूतों और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के दिल्ली पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। उनकी सुरक्षा और ठहरने की व्यवस्थाओं को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख फाइव स्टार होटलों में करीब 3,500 कमरे पहले ही बुक किए जा चुके हैं। 12 और 13 सितंबर को सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रम के चलते कई होटलों ने आम ग्राहकों के लिए बुकिंग भी सीमित कर दी है।
द लीला पैलेस में भी विदेशी मेहमानों की मेजबानी के लिए खास तैयारियां की जा रही हैं। होटल की किचन में शेफ और कुलीनरी टीम विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों की पसंद के अनुसार व्यंजन तैयार करने में जुटी है। कुछ प्रतिनिधिमंडल अपने साथ विशेष खाद्य सामग्री भी लेकर पहुंचे हैं, जबकि संबंधित दूतावासों के अधिकारी मेन्यू को अंतिम रूप देने में होटल की टीम की मदद कर रहे हैं। होटल के रेस्टोरेंट और इन-रूम डाइनिंग में मशहूर भारतीय रेस्टोरेंट जमावर के विशेष व्यंजन भी शामिल किए गए हैं।
ठहरने की बात करें तो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उनके प्रतिनिधिमंडल और उज्बेकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल आईटीसी मौर्या में ठहरने वाला है। द ओबेरॉय में इंडोनेशिया, इथियोपिया, कजाकिस्तान और ईरान के राष्ट्राध्यक्षों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। मिस्र के राष्ट्राध्यक्ष के लिए शेरेटन नई दिल्ली, साकेत में इंतजाम किया गया है। दक्षिण अफ्रीका और बुरुंडी के राष्ट्राध्यक्ष द ललित में ठहरेंगे, जबकि चीन के राजदूत और प्रतिनिधिमंडल के लिए ताज पैलेस में व्यवस्था की गई है। फिलीपींस के राजदूत ताज महल होटल में ठहरेंगे। वहीं, ब्राजील के प्रतिनिधिमंडल के द इंपीरियल में ठहरने की संभावना है।
सम्मेलन को लेकर सुरक्षाकर्मियों, मीडिया प्रतिनिधियों, कॉर्पोरेट मेहमानों और अधिकारियों के पहले से दिल्ली पहुंचने के कारण प्रमुख होटलों में ऑक्यूपेंसी काफी बढ़ गई है। द ललित के जनरल मैनेजर विशाल शर्मा के मुताबिक, होटल के 460 कमरों में से करीब 90 प्रतिशत कमरे सम्मेलन के लिए आरक्षित हैं। इस दौरान कमरों के किराये में भी लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
रेडिसन होटल समूह के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस अवधि में औसत कमरे का किराया करीब 25 प्रतिशत अधिक मिल रहा है। दिल्ली एयरोसिटी में भी स्थिति मजबूत है। यहां करीब 3,500 कमरों की क्षमता वाले होटल परिसरों में लेमन ट्री और रोजेट जैसे ब्रांडों की ऑक्यूपेंसी 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। हालांकि, इन होटलों में औसत कमरे के किराये में खास बदलाव नहीं बताया गया है।
सेंट्रल दिल्ली के कुछ लग्जरी होटलों में उपलब्ध सीमित कमरों के लिए 1.30 लाख रुपये या उससे अधिक प्रति रात की मांग की जा रही है। होटल और कमरे की श्रेणी के अनुसार यह किराया 1 से 2 लाख रुपये तक पहुंच रहा है। बुधवार देर शाम तक 10 से 12 सितंबर के लिए दिल्ली के प्रमुख होटलों में प्रेसिडेंशियल सुइट जैसे बेहद महंगे विकल्पों को छोड़कर ऑनलाइन सामान्य कमरों की उपलब्धता लगभग खत्म हो चुकी थी।
होटल उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि ब्रिक्स सम्मेलन दिल्ली में बड़ी होटल मौजूदगी वाली कंपनियों के लिए कारोबार और कमाई बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।