समर न्यूज | अमृतसर
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक गतिविधियों के साथ अब नीतिगत तैयारी भी तेज कर दी है। पार्टी के घोषणा पत्र को केवल नेताओं की बैठक तक सीमित रखने के बजाय जनता के बीच ले जाने की रणनीति बनाई गई है।
इसी कड़ी में कांग्रेस की घोषणा पत्र समिति ने अमृतसर से राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। समिति उद्योगपतियों, व्यापारियों, किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और अपेक्षाएं जुटाएगी। समिति के अध्यक्ष और फतेहगढ़ साहिब से सांसद डॉ. अमर सिंह ने पहले ही स्पष्ट किया था कि पार्टी इस बार ‘जनता का घोषणा पत्र’ तैयार करना चाहती है। इसके लिए राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक और क्षेत्रीय जरूरतों को समझने पर जोर दिया जा रहा है। समिति में अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला, विधायक परगट सिंह, विधायक सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया और पूर्व विधायक हरदयाल सिंह कंबोज समेत वरिष्ठ नेता शामिल हैं। अमृतसर में समिति ने उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। बैठक में औद्योगिक गतिविधियों, कारोबार की लागत, बिजली दरों, कर व्यवस्था और दूसरे राज्यों की औद्योगिक रियायतों से जुड़ी चिंताएं सामने आईं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अमृतसर के पारंपरिक उद्योग को फिर मजबूत करना और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाना घोषणा पत्र में प्रमुख विषय हो सकता है।
पंजाब की अर्थव्यवस्था को लेकर कांग्रेस के सामने कृषि और उद्योग दोनों को साथ लेकर चलने की चुनौती है। खेती से जुड़े संकट, किसानों की आय, रोजगार, युवाओं के लिए अवसर और छोटे कारोबारियों की समस्याओं को भी परामर्श प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। पार्टी ने पहले ही कहा है कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को घोषणा पत्र में विशेष स्थान दिया जाएगा।]
{कानून-व्यवस्था भी बड़ा मुद्दा…
अमृतसर में व्यापारियों की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए गए। फिरौती की कॉल, गैंगस्टर गतिविधियों और कारोबारियों में सुरक्षा की चिंता को लेकर कांग्रेस नेताओं ने इसे भी चुनावी मुद्दे के तौर पर रेखांकित किया। पार्टी का कहना है कि निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए सुरक्षित कारोबारी माहौल जरूरी है।
{हर जिले की अलग जरूरत
घोषणा पत्र समिति की योजना सभी जिलों में जाकर स्थानीय नेताओं के साथ-साथ आम लोगों से सुझाव लेने की है। पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, नागरिक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से लिखित सुझाव भी लिए जाएंगे। इससे सीमावर्ती, मालवा, माझा और दोआबा क्षेत्रों की अलग-अलग समस्याओं को दस्तावेज में जगह देने की कोशिश होगी।
{गुटबाजी के बीच नई कवायद
पंजाब कांग्रेस इस अभियान को ऐसे समय आगे बढ़ा रही है जब पार्टी में लंबे समय से गुटबाजी चुनौती
बनी हुई है। भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को नया प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद आलाकमान संगठन को एकजुट करने पर जोर दे रहा है। पायलट ने भी नेताओं को सामूहिक रूप से चुनाव लड़ने का संदेश दिया है। ऐसे में जनता से जुड़ा घोषणा पत्र अभियान पार्टी के भीतर विभिन्न खेमों को एक साझा राजनीतिक एजेंडे पर लाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
{2027 के लिए मुद्दों की तलाश…
कांग्रेस के सामने 2027 में आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ मजबूत विकल्प पेश करने की चुनौती है। इसलिए घोषणा पत्र में केवल चुनावी वादों के बजाय रोजगार, कृषि, उद्योग, नशा, कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों के व्यावहारिक समाधान तलाशने पर जोर है। पार्टी का दावा है कि अंतिम दस्तावेज में जनता से मिले सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी।