सहजप्रीत सिंह | लुधियाना
समर न्यूज
महानगर में लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग पर रोक लगाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने गन हाउस संचालकों पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित गन हाउसों की विशेष जांच की गई।
उच्चाधिकारियों और थाना प्रभारियों की अगुवाई में गठित पुलिस टीमों ने अचानक पहुंचकर हथियारों और कारतूसों के रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके पर मौजूद हथियारों का स्टॉक रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों से मिलाया।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी जांचा कि गन हाउसों से जिन लोगों को हथियार या कारतूस बेचे गए हैं, उनके लाइसेंस वैध हैं या नहीं। बिक्री-खरीद की प्रत्येक एंट्री नियमों के मुताबिक दर्ज की गई है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की गई। मरम्मत अथवा जमा करवाने के लिए आए हथियारों का रिकॉर्ड भी खंगाला गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में किसी तरह का अंतर सामने आने पर संबंधित डीलर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने गन हाउस संचालकों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। अधिकारियों ने कहा कि दुकानों में उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू रहने चाहिए।
कैमरों की दिशा प्रवेश द्वार, बिक्री काउंटर और स्ट्रांग रूम की तरफ होना जरूरी है। सीसीटीवी की कम से कम 30 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। गन हाउसों में स्ट्रांग रूम और तिजोरियों की सुरक्षा पुख्ता रखने तथा किसी भी व्यक्ति को वैध दस्तावेज और जरूरी सत्यापन के बिना हथियार या कारतूस नहीं देने की हिदायत दी गई।
हथियारों के स्टॉक में गड़बड़ी, रिकॉर्ड में हेराफेरी या आर्म्स एक्ट के नियमों की उल्लंघना सामने आने पर संबंधित डीलर को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में लाइसेंस रद करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।