summer express , करनाल। बदलते मौसम के साथ करनाल जिले में स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले सात दिनों में जिले में संक्रमण के नौ नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही कुल मरीजों की संख्या 6 सितंबर के 27 से बढ़कर 13 सितंबर तक 36 हो गई है। यानी एक सप्ताह के भीतर मामलों में करीब 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी है। इसके बावजूद अस्पतालों की ओपीडी में फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है और जांच के लिए मरीजों की कतारें देखने को मिल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 10 दिनों में छह और बीते एक महीने में स्वाइन फ्लू के 15 मामले सामने आए हैं।
संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों के उपचार और निगरानी के लिए दो आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं। विभाग की ओर से संक्रमित मरीजों के साथ संदिग्ध मामलों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
उप सिविल सर्जन (मलेरिया) डॉ. अनु शर्मा ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, नाक बहना, भूख कम लगना या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण से बचाव के लिए खांसते और छींकते समय नाक-मुंह ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने और लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से भी बचने को कहा गया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। समय पर जांच, चिकित्सकीय सलाह और जरूरी सावधानियां बरतकर संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है।