summer express , सुन्दर कुंडू ,पलवल। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से पोषण अभियान के तहत जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत गांव रायदासका स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गर्भवती महिलाओं और माताओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आंगनबाड़ी वर्कर बबीता ने बताया कि पोषण माह के दौरान शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाता है, ताकि उन्हें कुपोषण से बचाया जा सके। गर्भवती महिलाओं और माताओं को भी हरी सब्जियां, दाल, चावल, दूध, दलिया और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों से तैयार भोजन दिया जाता है। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं को कुपोषण से बचाना है।
उन्होंने बताया कि पोषण अभियान के तहत बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच की जाती है। जरूरत के अनुसार बच्चों और महिलाओं को विटामिन तथा कैल्शियम की गोलियां भी उपलब्ध कराई जाती हैं। आंगनबाड़ी केंद्र में ग्रामीणों को फल, दूध, दही समेत अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों के सेवन के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
आंगनबाड़ी वर्कर कुसुम लता ने बताया कि पोषण माह के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार के पौष्टिक भोजन तैयार कर गर्भवती महिलाओं और माताओं को दिया जाता है। इसके साथ ही उन्हें टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है, ताकि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं और बच्चों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंची ग्रामीण महिला संतरा ने बताया कि केंद्र में गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी कराई जाती है और उनके स्वास्थ्य की जांच की जाती है।
पोषण अभियान के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों और महिलाओं को संतुलित आहार, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और पोषण संबंधी जरूरी जानकारी देकर कुपोषण की समस्या को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।