summer express, लुधियाना । पंजाब में बिजली की बढ़ती मांग के बीच सप्लाई व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। पिछले कुछ दिनों से राज्य में बिजली की मांग 16 हजार मेगावाट से अधिक बनी हुई है। वहीं सरकारी थर्मल प्लांटों के कई यूनिट बंद होने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके चलते कई इलाकों में लोगों को अघोषित बिजली कटों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक असर रोपड़ स्थित सरकारी थर्मल प्लांट के उत्पादन पर पड़ा है। मंगलवार दोपहर बाद इसके दो यूनिट बंद थे। बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे एक और यूनिट बंद हो गया। प्लांट में कुल चार यूनिट हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता करीब 840 मेगावाट है। फिलहाल चालू यूनिट भी पूरी क्षमता से बिजली का उत्पादन नहीं कर रहे और करीब 200 मेगावाट उत्पादन होने की जानकारी है।
प्राइवेट थर्मल प्लांटों से फिलहाल बिजली आपूर्ति को कुछ राहत मिल रही है। तलवंडी साबो थर्मल प्लांट की कुल क्षमता करीब 1,980 मेगावाट है और यहां करीब 1,700 मेगावाट बिजली का उत्पादन बताया जा रहा है। राजपुरा थर्मल प्लांट की क्षमता 1,400 मेगावाट है, जहां दोनों यूनिटों से करीब 1,300 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है।
सरकारी लहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट के चारों यूनिट फिलहाल चालू हैं। इसकी कुल क्षमता 920 मेगावाट है और करीब 805 मेगावाट उत्पादन हो रहा है। वहीं गोइंदवाल थर्मल प्लांट की क्षमता 520 मेगावाट है और इसके एक यूनिट से करीब 430 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है।
बढ़ती मांग को पूरा करने में हाइड्रो और सोलर परियोजनाओं की भी भूमिका है। राज्य के छोटे-बड़े हाइड्रो प्रोजेक्टों से रात के समय करीब 830 मेगावाट और दिन में करीब 500 मेगावाट बिजली मिल रही है। सोलर परियोजनाओं से दिन में करीब 450 मेगावाट उत्पादन होता है, जबकि रात में सौर ऊर्जा उपलब्ध नहीं होती। इस वजह से रात के समय बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर बढ़ जाता है।
बिजली की मांग और उत्पादन में अंतर को पूरा करने के लिए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) केंद्रीय पूल से बिजली खरीद रहा है। मौजूदा स्थिति में केंद्रीय पूल से करीब 11,700 मेगावाट तक बिजली ली जा रही है। इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में बिजली कट की स्थिति बनी हुई है।
इस बीच लुधियाना के चौड़ा बाजार स्थित हजूरी रोड पर मंगलवार देर रात बिजली की तारों में तेज स्पार्किंग हुई। इसके बाद इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और बुधवार सुबह तक कई दुकानों व घरों में बिजली नहीं पहुंची। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार बाजार में बिजली की तारों का जाल है और हवा या बारिश के दौरान अक्सर स्पार्किंग की समस्या सामने आती है। उनका दावा है कि कई बार शिकायत के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ।
दुकानदारों ने बताया कि हजूरी रोड पर कपड़ों की बड़ी मार्केट है और तारों में बार-बार होने वाली स्पार्किंग से आग लगने का खतरा बना रहता है। वहीं बिजली कट और सप्लाई व्यवस्था को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने बुधवार को लुधियाना में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से बिजली कटों और सप्लाई व्यवस्था के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया जाएगा।