Summer express/बिलासपुर, सुभाष-:एफआईआर विवाद को लेकर घुमारवीं में भाजपा की ओर से शुरू किया गया क्रमिक धरना और अनशन 14वें दिन भी जारी रहा। देर शाम पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर आंदोलन स्थल पर पहुंचे और अनशन पर बैठे भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को पुलिस के पीछे छिपने के बजाय सामने आकर जनता और विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना यदि अपराध माना जाता है तो भाजपा कार्यकर्ता आगे भी लगातार सवाल उठाते रहेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार से दर्ज मामलों को वापस लेने और मामले को लेकर माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुकदमों में लगाई गई धाराएं भले ही बाद में समाप्त हो जाएं, लेकिन सरकार से जवाब मांगने का सिलसिला जारी रहेगा।उन्होंने कांग्रेस पर भी राजनीतिक हमला बोला। ठाकुर ने कांग्रेस के इतिहास को लेकर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी निशाना साधा। उनके संबोधन के दौरान आंदोलन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।कार्यक्रम में धर्मशाला के विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष कृष्ण चंदेल समेत कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि एफआईआर के मामले में सरकार और प्रशासन की कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है।
इसी बीच बिजली गुल होने के कारण कुछ समय के लिए अनशन स्थल पर अंधेरा छा गया।इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने बिजली बोर्ड के खिलाफ भी नारे लगाए। पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा कि बिजली कटौती से आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं के उत्साह पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है और आंदोलन को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।सुधीर शर्मा ने प्रदेश सरकार पर प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने पर सरकार का ध्यान केंद्रित है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर भी सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। शर्मा ने कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी है और पार्टी को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि कथित अन्याय के खिलाफ भाजपा लोकतांत्रिक और कानूनी स्तर पर अपनी आवाज उठाती रहेगी।