summer express , फरीदाबाद। शहर के NIT-5 निवासी 80 वर्षीय सुरजन सिंह सरकारी रिकॉर्ड की एक गंभीर गड़बड़ी के कारण परेशानी झेल रहे हैं। पेंशन रिकॉर्ड में उन्हें 26 मार्च 2025 को मृत दर्ज कर दिया गया, जबकि वह जीवित हैं और अपनी पत्नी के साथ घर पर रह रहे हैं। रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। अब करीब तीन महीने से वह पेंशन बहाल कराने और सरकारी रिकॉर्ड में खुद को जीवित दर्ज कराने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
सुरजन सिंह को हर महीने करीब 3 हजार रुपये वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। उनके बैंक खाते में करीब 50 हजार रुपये जमा थे। करीब तीन महीने पहले जब खाते में राशि खत्म होने पर वह SBI पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि करीब डेढ़ साल से पेंशन की रकम खाते में नहीं आई है। इसके बाद उन्होंने सेक्टर-15 स्थित पेंशन कार्यालय में जाकर जानकारी ली। वहां कर्मचारियों ने रिकॉर्ड की जांच के बाद बताया कि पेंशन रिकॉर्ड में उनकी मृत्यु 26 मार्च 2025 को दर्ज है।
सुरजन सिंह का कहना है कि उन्हें अब तक यह जानकारी नहीं दी गई कि किस दस्तावेज या रिकॉर्ड के आधार पर उन्हें मृत घोषित किया गया। उनका कहना है कि पिछले करीब तीन महीने से वह पेंशन बहाल कराने के लिए अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। उम्र अधिक होने के कारण उन्हें चलने-फिरने में भी सहारे की जरूरत पड़ती है, इसके बावजूद समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालय जाना पड़ रहा है।
पेंशन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें 17 सितंबर को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में शिकायत देने के लिए भेजा। सुरजन सिंह ने वहां पेंशन रिकॉर्ड में सुधार और पेंशन दोबारा शुरू करने की मांग रखी। उनकी शिकायत दर्ज कर ली गई, लेकिन शिविर में भी तत्काल समाधान नहीं हो सका। अधिकारियों ने आगे कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सुरजन सिंह के मुताबिक उनके पेंशन रिकॉर्ड और परिवार पहचान पत्र (PPP) में भी विरोधाभास है। पेंशन ID में उन्हें मृत दिखाया गया है, जबकि PPP में वह जीवित दर्ज हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब परिवार पहचान पत्र में उनका रिकॉर्ड सही है तो पेंशन रिकॉर्ड में मृत्यु की एंट्री किस आधार पर की गई।
उन्होंने अपनी पत्नी प्रीतम कौर के रिकॉर्ड में आय से जुड़े बदलाव पर भी सवाल उठाए हैं। सुरजन सिंह के अनुसार उनकी पत्नी की उम्र भी करीब 80 वर्ष है और वह बीमार रहती हैं। उनका कहना है कि PPP में पहले पत्नी की आय 1.80 लाख रुपये दर्ज थी, जिसे अब बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया गया है। सुरजन सिंह की अपनी आय भी रिकॉर्ड में 3 लाख रुपये दर्ज दिखाई जा रही है, जबकि उनके व्यवसाय से जुड़े कॉलम में उन्हें पेंशनर बताया गया है। उन्होंने रिकॉर्ड में हुई इन प्रविष्टियों पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।
मामले को लेकर SDM डॉ. हन्नी बंसल ने बताया कि सुरजन सिंह की शिकायत संबंधित विभाग को भेज दी गई है। विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि मामला चंडीगढ़ भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही बुजुर्ग की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। वहीं, जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) ममता शर्मा से मामले में पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने