summer express ,राकेश कुमार शर्मा, करनाल। शामगढ़ गांव की 22 वर्षीय बेटी राइजा ढिल्लों ने अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश और करनाल का नाम रोशन किया है। युवा स्कीट निशानेबाज की इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अब राइजा का लक्ष्य ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर पदक जीतना है।
राइजा के पिता रविजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि टीम स्पर्धा में राइजा ने परिनाज़ धालीवाल और महेश्वरी चौहान के साथ मिलकर भारत का प्रतिनिधित्व किया। तीनों निशानेबाजों ने सटीक निशानेबाजी और बेहतर तालमेल का प्रदर्शन करते हुए टीम को कांस्य पदक दिलाया।
कम उम्र में मिली इस अंतरराष्ट्रीय सफलता ने राइजा के साथ-साथ परिवार की उम्मीदों को भी नई दिशा दी है। पिता का कहना है कि यह उपलब्धि उनके लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन बेटी का सफर अभी लंबा है। परिवार को उम्मीद है कि राइजा आने वाले समय में भी अपने प्रदर्शन को जारी रखते हुए देश के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगी।
राइजा के परिवार की अब सबसे बड़ी उम्मीद ओलंपिक को लेकर है। परिवार चाहता है कि वह अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर ओलंपिक तक पहुंचे और वहां भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए पदक जीते। कांस्य पदक जीतने के बाद राइजा का आत्मविश्वास भी बढ़ा है और उनकी नजर अब आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर है।
परिवार का कहना है कि राइजा ने कम उम्र में ही यह साबित किया है कि लक्ष्य के प्रति मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। अब उनका सपना ओलंपिक के मंच पर भारत का तिरंगा ऊंचा करना है।