summer express , अंकुर कपूर,अंबाला। 14 सितंबर से शुरू हुए गणेश उत्सव के समापन को लेकर अंबाला में गणेश विसर्जन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। घरों और मंदिरों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की प्रक्रिया 25 सितंबर को की जाएगी। अंबाला छावनी के प्राचीन सनातन धर्म मंदिर में भी गणेश प्रतिमा के विसर्जन को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
मंदिर के पुजारी पंडित बुद्धि बल्लभ शास्त्री ने बताया कि गणेश चतुर्थी के दिन शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा को मंदिर में विधि-विधान से विराजमान कराया गया था। अब उसी तरह शुभ मुहूर्त में 25 सितंबर को गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्राचीन सनातन धर्म मंदिर में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। गणेश उत्सव के दौरान भी बड़ी संख्या में भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रतिमा की स्थापना के बाद से लगातार धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा की जा रही है।
मंदिर प्रबंधन से जुड़े सदस्य ने बताया कि गणेश प्रतिमा की स्थापना कमेटी के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने मिलकर की थी। अब 25 सितंबर को सभी की मौजूदगी में विधि-विधान के साथ गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र से शुरू हुआ गणेश उत्सव अब देश के कई हिस्सों में बड़े धार्मिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पहले यह पर्व मुख्य रूप से महाराष्ट्र में व्यापक स्तर पर मनाया जाता था, लेकिन अब अंबाला समेत देश के विभिन्न शहरों में भी लोग घरों और मंदिरों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित कर उत्सव मनाते हैं।
अंबाला में भी गणेश उत्सव के दौरान कई घरों और धार्मिक स्थलों पर भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। श्रद्धालुओं ने कई दिनों तक पूजा-अर्चना कर भगवान गणेश से सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। अब उत्सव के समापन पर श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति के साथ गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारी में जुटे हैं।
श्रद्धालुओं ने बताया कि गणपति उत्सव भले ही महाराष्ट्र की प्रमुख परंपरा से जुड़ा रहा हो, लेकिन अब देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे उत्साह के साथ मनाया जाता है। मंदिर में भी गणेश प्रतिमा को विधि-विधान से स्थापित कर नियमित पूजा की गई और अब 25 सितंबर को विसर्जन किया जाएगा।