Summer express/सिरसा,विजय कुमार-: तीन दिवसीय प्रस्तावित बैंक हड़ताल के मद्देनजर रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक खुले रहे। छुट्टी के दिन बैंक खोलने के फैसले के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने इसे ‘ब्लैक डे’ और ‘काला रविवार’ बताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया। कर्मचारियों ने काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स यानी UFBU के आह्वान पर 28 से 30 सितंबर तक देशभर में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल के मद्देनजर आरबीआई की गाइडलाइन के तहत रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को खोलने के निर्देश दिए गए। हालांकि, कर्मचारियों ने छुट्टी के दिन बैंक खोलने के फैसले पर नाराजगी जताई।
चंचल कुमार और काजल रानी ने कहा कि रविवार सामान्य तौर पर बैंक कर्मचारियों के लिए अवकाश का दिन होता है। कर्मचारियों के मुताबिक, NI Act 1881 के तहत भी रविवार को छुट्टी का प्रावधान है। ऐसे में रविवार को बैंक खोलने का फैसला उनके अधिकारों के खिलाफ है। कर्मचारियों ने कहा कि छुट्टी के दिन भी ड्यूटी पर पहुंचकर उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया और इस दिन को ‘काला रविवार’ के रूप में मनाया।बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग कार्य लागू करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस पर फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार पर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश में न तो कोई आपात स्थिति है और न ही आर्थिक संकट, ऐसे में छुट्टी के दिन बैंक खोलना उचित नहीं है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी।बैंक कर्मचारियों ने सरकार से बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की अपील की। अब देखना होगा कि प्रस्तावित हड़ताल के बाद सरकार और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है।