अशवनी पाहवा | लुधियाना
समर न्यूज
हैबोवाल के चंद्र नगर से चार माह के मासूम आर्यन के अपहरण की सूचना ने पुलिस को दौड़ा दिया। पुलिस ने महज पांच घंटे में मामले का खुलासा करते हुए बच्चे को जालंधर से सकुशल बरामद कर लिया। जांच में बच्चे के अपहरण में उसकी बुआ ममता और उसके साथी विवेक की भूमिका सामने आने पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे को ले जाने के पीछे क्या मकसद था और घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। डीसीपी सिटी आलम विजय सिंह ने बताया कि रविवार शाम करीब छह बजे बच्चे के पिता आलोक ने हैबोवाल पुलिस को सूचना दी कि मास्क पहने एक महिला और पुरुष उनके चार माह के बेटे को लेकर चले गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम चंद्र नगर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू करने के साथ परिवार के आसपास रहने वालों की भी जांच शुरू की। डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों और संभावित रास्तों की जांच की। कुछ ही घंटों में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले और जांच जालंधर तक पहुंच गई। पुलिस टीम ने वहां कार्रवाई कर मासूम को सुरक्षित बरामद कर लिया। जांच के दौरान गिरफ्तार महिला की पहचान बच्चे की बुआ ममता के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, ममता ने अपने परिचित विवेक के साथ मिलकर बच्चे को ले जाने की योजना बनाई थी। दोनों मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं और फिलहाल जालंधर में किराये पर रह रहे थे।
{बच्चे को आगे सौंपने की आशंका की जांच…
एडीसीपी 3 साई प्रकाश ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बच्चे को किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने या बेचने की आशंका संबंधी तथ्य सामने आए हैं। हालांकि उन्होंने अभी इसे अंतिम रूप से स्पष्ट नहीं किया है। बच्चे को किस उद्देश्य से ले जाया गया था, इसकी पुष्टि आरोपितों से पूछताछ के बाद होगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अपहरण की घटना में दोनों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। दोनों आरोपितों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा। रिमांड के दौरान अपहरण के मकसद, पूरी साजिश और संभावित अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
{पांच घंटे में बच्चे की बरामदगी…
डीसीपी सिटी आलम विजय ने बताया कि सूचना मिलने के बाद तुरंत एक टीम गठित की गई थी। जिसकी अगवाई एडीसीपी 3 साईं प्रकाश के द्वारा की जा रही थी। टीम में एसीपी सिविल लाइन, थाना हैबोवाल की पुलिस भी शामिल रहे। जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद करीब 5 घंटे में ही उक्त मामले को सुलझा लिया। टीम ने तकनीकी जांच और मानव स्रोतों की मदद से तेजी से कार्रवाई करते हुए बच्चे को जालंधर से सकुशल बरामद किया। जिसके बाद बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल कर पूछताछ शुरू कर दी है।