summer express , गुरुग्राम (अनुज पंचाल)। हरियाणा पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने अपराधियों और साइबर ठगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुरुग्राम के सेक्टर 17-18 में नवनिर्मित पुलिस थाने का उद्घाटन करने पहुंचे डीजीपी ने कहा कि यदि कोई अपराधी पुलिस पर गन उठाएगा या आम जनता में दहशत फैलाने की कोशिश करेगा तो पुलिस भी उसका करारा जवाब देगी।
डीजीपी ने कहा कि हरियाणा पुलिस का फोकस आतंकवाद और संगठित अपराध पर है। इन गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए पंचकूला और गुरुग्राम में विशेष एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) थानों की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है।
साइबर अपराध को बड़ी चुनौती बताते हुए अजय सिंघल ने कहा कि साइबर फ्रॉड सीमाहीन अपराध है और इससे निपटने के लिए हरियाणा पुलिस लगातार अपनी व्यवस्था मजबूत कर रही है। उन्होंने दावा किया कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में रकम की रिकवरी और बैंक खातों को समय पर ब्लॉक कराने के मामले में हरियाणा पुलिस देशभर में बेहतर काम कर रही है।
डीजीपी ने करनाल की एक घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि एक ज्वैलर का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर एक करोड़ रुपये की ठगी का प्रयास किया गया था। पीड़िता ने घटना के पांच मिनट के भीतर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक करोड़ रुपये की रकम को सुरक्षित बचा लिया।
उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए लोगों को ठगी का पता चलते ही बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करनी चाहिए। इसके अलावा पुलिस की 112 इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) और अभय ऐप के माध्यम से भी सहायता ली जा सकती है।
डीजीपी ने विदेश में बैठे गैंगस्टरों की ओर से दी जाने वाली धमकियों को लेकर भी पुलिस की निगरानी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है और अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
अजय सिंघल ने आम जनता से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि निवेश के नाम पर जल्दी पैसा दोगुना करने या किसी अनजान ऑफर के जरिए बड़ा लाभ देने के झांसे में न आएं। किसी भी निवेश या संदिग्ध ऑफर पर पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें और अनजान लिंक या व्यक्ति के साथ वित्तीय जानकारी साझा करने से बचें।