Facebook-f Youtube Summer Express - Header One X-twitter

जीवन में पहली तथा आखिरी बार अपने बेटे भगत सिंह के बुत्त के साथ लिपटकर रोई माता विद्यावती

जगदीश लाल | नवांशहर
समर न्यूज

सन 1974 के आसपास की बात है बंगा का गांव खटकड़ कला जिला जालंधर का हिस्सा था। जालंधर सेंट्रल से मनमोहन कालिया भाजपा के विधायक थेl उनके मन की इच्छा थी कि वह खटकड़ कलां में बलिदानी भगत सिंह का बूत स्थापित करेंl इस कार्य के लिए उन्होंने पंजाब माता विद्यावती से संपर्क किया तथा उनसे इजाजत लेकर राजस्थान के बुत तराश एम राजपुरोहित से बलिदानी भगत सिंह का भूत बनवायाl फिर बलिदानी भगत सिंह का बुत खटकड़ कला गांव के मुख्य मार्ग पर एक किसान द्वारा छोड़ी गई खाली जमीन पर लगाया गयाl किसान ने भी देशभक्ति दिखाते हुए उस जमीन को बलिदानी कीजिए आजाद में बनने वाले स्मारक के लिए छोड़ दियाl बलिदानी भगत सिंह का बुत उनके जन्मदिन 27 सितंबर 1974 को लगाया गयाl जिस दिन बुत खटकड़ कला में स्थापित किया गया उसका अनावरण भाजपा विधायक मनमोहन कालिया व उनकी टीम ने माता विद्यावती के हाथों करवायाl भगत सिंह के बुत को देखकर माता विद्यावती उससे लिपट गई तथा उन्होंने कहा कि भागा वालिया !आखिर तू घर आ ही गया! क्योंकि जब भगत सिंह की शादी की बात चल रही थी तो भगत सिंह ने अपनी माता विद्यावती से कहा था कि मैं अब लौट कर गांव नहीं आऊंगा! हालांकि भगत सिंह कभी खटकड़ चला नहीं आए मगर उनके पैतृक बुजुर्गों का खटकड़ कला से नाता रहा है इसलिए उनकी माता विद्यावती अपने परिवार के साथ अंतिम क्षणों तक खटकड़ कला में रही! बंगा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जो पहले डीएवी पब्लिक स्कूल के नाम से जाना जाता था में संस्कृत अध्यापक रहे बुजुर्ग पंडित राममूर्ति शास्त्री जी ने जानकारी देते हुए बताया था कि जब बलिदानी भगत सिंह का बुत का लोकार्पण किया गया, तो माता विद्यावती जी भावुक हो उठी तथा बहुत से लिफ्ट कर इतनी जोर से चीखी कि उनकी जिंदगी की पहली तथा आखरी चीख हो! भगत सिंह के साथ उनका प्यार कोई भी भुला नहीं सकता! भगत सिंह माता विद्यावती की आठवीं संतान थी! पंडित राममूर्ति शास्त्री बताते हैं कि माता विद्यावती इतनी जोर से चीखी तथा रोई जैसे उन्होंने अपने जीवन भर की तथा भगत सिंह के बिछड़े के दर्द की भावना को आंसुओं से भर दिया होl माता विद्यावती की इस हालत को देखकर पूरे पंडाल में उस समय से सनाटा छा गया थाl आखिर जब माता विद्यापति सामान्य हुई तो उन्होंने कहा कि वे उनके मन का पुकार थी जो बेटे के बुत को देखकर बाहर निकल आईl इस तरह खटकड़ कलां में बलिदानी भगत सिंह का पहला जन्मदिन मनाया गया तथा उसके पीछे भाजपा के विधायक मनमोहन कालिया का योगदान रहाl

पंडित राममूर्ति शास्त्री जो आजकल वृद्ध अवस्था में नंगल में अपनी बेटी के पास रह रहे हैं ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि जब भगत सिंह का बुत खटकड़ कला में स्थापित करने के लिए लाया गया था तो राजस्थान से बूत बनाने वाला कलाकार एम. राजपुरोहित भी खटकर कलां बुत लेकर आए थेl उन्होंने भगत सिंह के बुत को बड़ी मेहनत तथा राष्ट्र भावना से संगमरमर से बनाया थाl पंडित राममूर्ति शास्त्री जी बताते हैं कि जब बुत को रखने के लिए एक घर की खाली कमरे में लेटा कर रखा गया तो बुत बनाने वाले कारीगर ने भी बुत के साथ ही उसी कमरे में जमीन पर साथ ही लेटने का संकल्प जताया या तथा कहा जब तक बुत स्थापित नहीं हो जाता वह खटकड़ कलां से नहीं जाएंगे, इस तरह वह दो दिन तक खटकड़ कला में रहाl माता विद्यावती ने बुत बनाने वाले कारीगर को नगद पुरस्कार दिया था l इस तरह भगत सिंह का बुत खटकड़ कला में स्थापित होगा बाद में कांग्रेस की सरकार बनीl ज्ञानी जैल सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री बने उन्होंने खटकड़ कलां में लगे भगत सिंह के बुत को वहां से हटाकर नवांशहर मे मौजूदा डीसी ऑफिस के बाहर लगवा दिया, उसके पास ही कांग्रेस का जिला कार्यालय भी हैl इसके साथ ही खटकड़ कलां में अष्टधातु का भारी वजनी बुत बना कर स्थाापित करवाया, जो मौजूदा समय में खटकड़ कलां में लगा हुआ है l कांग्रेस के बलिदानी भगत सिंह के नाम पर ट्रस्ट बनाया तथा हर वर्ष 1982 के बाद भगत सिंह की जयंती तथा शहादत दिवस मनाना शुरू कियाl इसके साथ ही वामपंथी राजनीतिक दलों ने भी अपनी स्टेज लगानी शुरू कीl खटकड़ कलां दोआबा क्षेत्र का पर्यटन स्मारक है ।जहां पर कई बड़ी राजनीतिक पार्टियों का गठन भी हुआl पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने खटकर कलां में ही पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब का गठन किया था इसके बाद आम आदमी पार्टी के प्रधान श्री अरविंद केजरीवाल भी खटकर कलां पहुंचे थे जिन्होंने आम आदमी पार्टी को शहीदों की विचारों की पार्टी करार दिया था।

बलिदानी भगत सिंह पंजाब माता विद्यावती तथा पिता किशन सिंह की आठवीं संतान थे! उनकी तीन बहने तथा उनके समेत 6 भाई थेl दादा अर्जुन सिंह निर्भय होकर जीने की कला का अपने परिवार में संचार करते थे वह महाराजा रंजीत सिंह की खालसा फौज के सरदार रहे संधु जट परिवार के सदस्य थे, जिनका सबंध मौजूदा तरनतारन जिले के गांव नारली से थाl भगत सिंह के दादा अर्जुन सिंह के भाई राय बहादुर दिलबाग सिंह सरकारी पद पर बड़े अधिकारी थेl पूरा परिवार रोहबदार अमीर जागीरदार थाl भगत सिंह के दादा अपने परिवार के साथ पाकिस्तान में रह गए गांव चक्क नंबर 105 बंगा में रह रहे थेl वहां पर रह कर भी उनकी किसानों की समस्या को लेकर सरकार के साथ 36 के आंकड़े में रहे, दही से परिवार की बागपन शुरू हो गया जो अपने हक के लिए थाl अर्जुन सिंह के 3 पुत्र थे जिनमें सबसे बड़े सरदार किशन सिंह, छोटे अजीत सिंह, तथा सबसे छोटे स्वर्ण सिंह के! भगत सिंह चाचा अजीत सिंह किसान लहर के मोढ़ी थेl माता विद्यावती तथा किशन सिंह के परिवारिक सदस्यों में भगत सिंह की बहन बीबी प्रकाश कौर, बीबी अमर कौर, भाई कुलतार सिंह भाई जगत सिंह भाई कुलवीर सिंह भाई राजेंद्र सिंह बहन शकुंतला देवी तथा भाई रणवीर सिंह थे l गौरतलब है कि भगत सिंह के भाई कुलबीर सिंह के बेटे अभय सिंह संधू की शक्ल भगत सिंह के साथ हूब -हु मिलती थीl जिसने भी अभय सिंह संधू को देखा उसने भगत सिंह की झलक देख ली ।

खटकड कलां में देश की महान अभिव्यक्ति ने शहीद भगत सिंह को किया नमन

} भारत के राष्ट्रपति तथा पूर्व मुख्यमंत्री पंजाब ज्ञानी जेल सिंह
} प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी
} पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम
} राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक के. सुदर्शन
} फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र
} ओलंपियन कुश्ती पहलवान करतार सिंह
} राहुल गांधी कांग्रेस नेता
अरविंद केजरीवाल
} भाजपा नेता संघप्रिया गौतम
} भाजपा के केंद्रीय नेता चौधरी बिरेंदर सिंह
} पूर्व प्रधानमंत्री जब सांसद पद पर होते हुए अटल बिहारी वाजपेई
पंजाब के चीफ मिनिस्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र कुमार हुड्डा, पूर्व देवीलाल, अभय चौटाला, भजनलाल,भी खटकड़ कलां पहुंच कर श्रद्धा अर्पित कर चुके हैं ।

admin

Horizonbeg@gmail.com https://summerexpress.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

जीवन में पहली तथा आखिरी बार अपने बेटे भगत सिंह के बुत्त के साथ लिपटकर रोई माता विद्यावती

जगदीश लाल | नवांशहरसमर न्यूज सन 1974 के आसपास की बात है बंगा का गांव खटकड़ कला जिला जालंधर का हिस्सा था। जालंधर सेंट्रल से मनमोहन कालिया भाजपा के विधायक थेl उनके मन की इच्छा थी कि वह खटकड़ कलां में बलिदानी भगत सिंह का बूत स्थापित करेंl इस कार्य के लिए उन्होंने पंजाब माता...

पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल की आहट, राहुल गांधी की प्रस्तावित यात्रा से पहले राज्यव्यापी कार्यक्रम की तैयारी

2027 चुनाव से पहले समितियों में बदलाव पर नजरसमर न्यूज | चंडीगढ़पंजाब कांग्रेस में संभावित संगठनात्मक फेरबदल को लेकर पार्टी नेताओं की निगाहें नए प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट पर टिकी हैं। इसी बीच कांग्रेस आने वाले दिनों में राज्यव्यापी कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इसका उद्देश्य राहुल गांधी...

तेज बारिश के बीच चंडीगढ़ में ऐप-बेस्ड बाइक राइडर्स का प्रदर्शन

{ट्रिब्यून चौक पर जुटे सैकड़ों राइडर्स, एसटीए कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापनशगुन कश्यप | चंडीगढ़समर न्यूज वर्ल्ड बाइक डे के अवसर पर सोमवार को चंडीगढ़ में ऐप-बेस्ड बाइक राइडर्स ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में राइडर्स अपनी बाइक के साथ ट्रिब्यून चौक पर पहुंचे। प्रदर्शन को देखते हुए...

कुलवंत सिंह ने वितरित किए मुख्यमंत्री सेहत योजना के कार्ड

{एम एम एस वाई के तहत पंजाब के 909 सूचीबद्ध अस्पतालों में 2,356 उपचार पैकेज उपलब्धसागर पाहवा | मोहालीसमर न्यूज मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह ने मोहाली के सेक्टर-69 स्थित आरोग्य केंद्र में लाभार्थियों को मुख्यमंत्री सेहत योजना (एम एम एस वाई) के कार्ड वितरित किए। उन्होंने योजना के तहत कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक...

लिव इन रिलेशन के बाद  युवक व परिवार ने किया शादी से इंकार, मोहाली की रहने वाली है पीड़िता

Summer express/मंडी, धर्मवीर -: मोहाली की रहने वाली एक युवती ने मुस्लिम युवक पर शादी का झांसा देकर लंबे समय तक लिव-इन रिलेशन में रहने और बाद में शादी से इनकार करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता आज दूसरी बार न्याय की गुहार लेकर एसपी कार्यालय मंडी पहुंची और आरोपी युवक के द्वारा उसके साथ...
Summer Express - header one

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.