136 कथित फर्जी कारदारों को हटाने और देवभूमि की जमीन बेचने वालों पर कार्रवाई की भी उठी मांग
Summer express/कुल्लू, मनमिंदर अरोड़ा -:अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव से पहले बजंतरी संघ को नजराने की राशि दिए जाने की मांग तेज हो गई है। देव संस्कृति चैरिटेबल संस्था के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि बजंतरियों को पहले से तय 23-23 हजार रुपये का नजराना उत्सव शुरू होने से पहले दिया जाए। उन्होंने कारदार संघ की ओर से नजराने की राशि पहले न देने संबंधी प्रस्ताव को खारिज करने की मांग भी उठाई है।कुल्लू के ढालपुर स्थित अटल सदन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में देवी-देवताओं के साथ आने वाले बजंतरी सात दिनों तक देव सेवा में अपनी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इनमें कई बजंतरी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और पूरे उत्सव के दौरान देवताओं की सेवा में उपस्थित रहते हैं। ऐसे में उन्हें मिलने वाला नजराना समय पर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि दशहरा उत्सव समिति की बैठक में प्रशासन की ओर से बजंतरी संघ को 23-23 हजार रुपये नजराने के तौर पर देने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अगले ही दिन कारदार संघ की ओर से यह राशि पहले न देने का प्रस्ताव रखा गया। शर्मा ने सवाल उठाया कि जब कारदार संघ की मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल वर्ष 2024 में ही पूरा हो चुका है, तो उसे इस तरह का प्रस्ताव रखने का अधिकार कैसे है। उन्होंने कहा कि कारदार व्यक्तिगत तौर पर प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन कार्यकारिणी के रूप में प्रस्ताव पारित करने की वैधता पर सवाल उठता है।ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि संस्था की ओर से जिला प्रशासन को पत्र भेजकर कुल्लू कारदार संघ से जुड़े कथित 136 फर्जी कारदारों की जांच की मांग की जाएगी। उनका आरोप है कि इन लोगों के कारदार होने का राजस्व रिकॉर्ड में कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो ऐसे लोगों को दशहरा उत्सव समिति की ओर से दिए जाने वाले नजराने से बाहर किया जाना चाहिए।उन्होंने देवी-देवताओं की भूमि से जुड़े मामले का भी मुद्दा उठाया। शर्मा ने कहा कि देवताओं की जमीन का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उनका आरोप है कि कुछ कारदारों ने देवी-देवताओं की जमीन बेच दी है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी कारदार द्वारा देव भूमि बेचने की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्था इस विषय को भी न्यायालय के समक्ष उठाएगी।
ओम प्रकाश शर्मा ने कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले विधायक दशहरा उत्सव को सामाजिक उत्सव बताते हुए इसके खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक किए जाने की बात करते थे। उन्होंने रघुनाथ मंदिर में आने वाले चढ़ावे का भी हिसाब सार्वजनिक करने की मांग का जिक्र किया।शर्मा ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद विधायक अपने पुराने रुख से पीछे हट गए हैं। उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव समिति की बैठकों में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। देव नीति और धार्मिक परंपराओं के बीच राजनीति को स्थान नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की।